
CTET EVS Notes
A. विकास की अवधारणा (Development) ▼
1. वृद्धि (Growth): यह केवल ‘शारीरिक’ होती है। जैसे: लंबाई बढ़ना, वजन बढ़ना। इसे मापा (Measure) जा सकता है।
2. विकास (Development): यह ‘शारीरिक + मानसिक + सामाजिक’ बदलाव है। यह जीवन भर चलता है।
- शैशवावस्था (0-5 वर्ष): शारीरिक विकास सबसे तेज़। इंद्रियों (Senses) से सीखना।
- बाल्यावस्था (6-12 वर्ष): स्कूल जाना, खेल-कूद, दोस्तों से समाजीकरण (Socialization)। EVS की शुरुआत यहीं (कक्षा 3) से होती है।
- किशोरावस्था (13-18): पहचान बनाना, हार्मोनल बदलाव।
B. वंशानुक्रम और वातावरण ▼
EVS (पर्यावरण अध्ययन) में हम मुख्य रूप से ‘वातावरण’ का ही अध्ययन करते हैं।
- वंशानुक्रम (Heredity): जो गुण हमें माता-पिता से मिलते हैं (आँखों का रंग, बाल, कद)। इसे बदला नहीं जा सकता।
- वातावरण (Environment): हमारे आस-पास का माहौल, पोषण, स्कूल, समाज।
बच्चे का विकास = वंशानुक्रम × वातावरण
A. भोजन और पोषण (Nutrition) – IMP ▼
हमारे शरीर को संतुलित आहार (Balanced Diet) की जरुरत होती है।
| पोषक तत्व (Nutrient) | कार्य (Function) | स्रोत (Sources) |
|---|---|---|
| कार्बोहाइड्रेट | ऊर्जा देना (Energy Giving) | चावल, गेहूं, आलू, चीनी |
| प्रोटीन | शरीर बनाना (Body Building) | दालें, सोयाबीन, अंडे, दूध |
| वसा (Fat) | ज्यादा ऊर्जा और गर्मी | घी, तेल, मक्खन |
| विटामिन & खनिज | रोगों से बचाव (Protective) | फल, हरी सब्जियाँ |
- Iron (लौह) की कमी: इससे ‘एनीमिया’ (Anemia) होता है।
उपचार: गुड़, आँवला, और हरी पत्तेदार सब्जियाँ (Spinach) खानी चाहिए। - Mid Day Meal: स्कूलों में बच्चों को पोषण देने के लिए शुरू किया गया (PM Poshan)।
B. रोग और बचाव (Diseases) – Most Imp ▼
- मलेरिया (Malaria): मादा एनाफिलीज मच्छर से।
→ खोज: रोनाल्ड रॉस (Ronald Ross)।
→ दवा: ‘सिनकोना’ (Cinchona) पेड़ की छाल से कुनैन (Quinine) बनती है। - डेंगू और चिकनगुनिया: एडीज (Aedes) मच्छर से। (रुके हुए साफ पानी में पनपते हैं)।
- हैजा (Cholera), टाइफाइड, पीलिया (Jaundice), पेचिश (Dysentery)।
- बचाव: पानी उबालकर पीना, क्लोरीन डालना।
| विटामिन | रोग (Disease) | लक्षण |
|---|---|---|
| Vit A | रतौंधी (Night Blindness) | रात में कम दिखना |
| Vit B | बेरी-बेरी | कमजोरी |
| Vit C | स्कर्वी (Scurvy) | मसूड़ों से खून आना |
| Vit D | रिकेट्स (Rickets) | हड्डियाँ कमजोर होना |
C. स्वच्छता (Hygiene) & Mental Health ▼
- व्यक्तिगत स्वच्छता: रोज नहाना, नाखून काटना, खाने से पहले हाथ धोना। (हाथ धोने से कीटाणु मरते हैं)।
- सार्वजनिक स्वच्छता: ‘स्वच्छ भारत अभियान’ (गांधी जी की 150वीं जयंती पर लक्ष्य)।
- कचरा प्रबंधन:
🔵 नीला कूड़ेदान (Blue Bin): सूखा कचरा (प्लास्टिक, कागज)।
🟢 हरा कूड़ेदान (Green Bin): गीला कचरा (सब्जी के छिलके)। - मानसिक स्वास्थ्य: योग और खेल (Yoga & Sports) बच्चों के तनाव को कम करते हैं और ‘सर्वांगीण विकास’ में मदद करते हैं।
CTET EVS Notes
A. विशेष पौधे (Special Plants) – Exam Facts ▼
- यह ऑस्ट्रेलिया (Australia) में पाया जाता है।
- इसकी जड़ें बहुत गहरी (पेड़ की ऊंचाई से 30 गुना नीचे) जाती हैं जब तक पानी न मिल जाए।
- खास बात: यह अपने तने (Trunk) में पानी जमा करता है। स्थानीय लोग पाइप डालकर पानी पीते हैं।
- यह कीड़े-मकोड़े, मेंढक और चूहों को फंसाकर खा जाता है।
- भारत में यह मेघालय में पाया जाता है। (दुनिया में ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया में)।
- इसमें से एक खास ‘खुशबू’ निकलती है जो कीड़ों को आकर्षित करती है।
- राजस्थान (जोधपुर) में पाया जाता है। (अमृता देवी बिश्नोई की कहानी)।
- इसकी फलियों की सब्जी बनती है और छाल से दवा।
- इसे ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती।
- जो लटकती हुई दिखती हैं वो टहनियां नहीं, जड़ें (Roots) हैं।
- ये खंभों की तरह पेड़ को सहारा देती हैं।
B. जानवर (Animals) – Amazing Facts ▼
- यह भालू जैसा दिखता है पर भालू नहीं है।
- यह दिन में करीब 17 घंटे पेड़ से उल्टा लटक कर सोता है।
- यह जिस पेड़ पर रहता है उसी के पत्ते खाता है।
- अपने 40 साल के जीवन में यह मुश्किल से 8 पेड़ों पर घूमता है। सप्ताह में एक बार शौच के लिए नीचे उतरता है।
- एक बड़ा हाथी एक दिन में 100 किलो से ज्यादा पत्ते/झाड़ियां खा लेता है।
- हाथी बहुत कम सोते हैं (केवल 2-4 घंटे)।
- कीचड़ में खेलना पसंद है (शरीर को ठंडक मिलती है)। कान पंखे का काम करते हैं।
- झुंड (Herd): हाथियों के झुंड में केवल हथिनियां और बच्चे होते हैं। सबसे बुजुर्ग हथिनी नेता होती है। नर हाथी 14-15 साल की उम्र में झुंड छोड़ देते हैं।
- बाघ की मूंछें हवा में हुए कंपन को भांप लेती हैं (शिकार की स्थिति)।
- बाघ का गुर्राना 3 किमी तक सुना जा सकता है।
- रात में हमसे 6 गुना बेहतर देख सकता है।
- रेशम का कीड़ा (Silkworm): अपनी मादा को उसकी गंध से कई किलोमीटर दूर से पहचान लेता है।
- सांप (Snake): भारत में केवल 4 तरह के जहरीले सांप होते हैं – नाग (Cobra), करैत, दुबोइया, अफाई। सांप के दो खोखले जहर वाले दांत होते हैं।
- पक्षी (Birds): ज्यादातर पक्षियों की आँखें सिर के दोनों तरफ होती हैं। वे एक ही समय में दो अलग चीजों पर नजर रख सकते हैं। जब वे सीधे देखते हैं तो दोनों आँखें एक चीज पर होती हैं। गर्दन ज्यादा घुमाते हैं क्योंकि आँखों की पुतली घूम नहीं सकती।
A. जल और प्रदूषण (Water & Pollution) ▼
- मृत सागर (Dead Sea): दुनिया का सबसे नमकीन सागर। इसमें नमक इतना ज्यादा है (1 लीटर में 300 ग्राम) कि इंसान इसमें डूबता नहीं, तैरता है।
- तरुण भारत संघ: यह संस्था पानी बचाने के लिए काम करती है। (जुड़े व्यक्ति: राजेन्द्र सिंह – जल पुरुष)।
- अल-बिरूनी (Al-Biruni): उज्बेकिस्तान से आया यात्री। उसने भारत के तालाबों (Ponds) की बहुत तारीफ लिखी थी।
कचरा कम करने का सबसे अच्छा तरीका 3R Principle है:
- Reduce (कम उपयोग): जैसे प्लास्टिक थैली न लेना।
- Reuse (पुनः उपयोग): डिब्बे का दोबारा इस्तेमाल।
- Recycle (पुनः चक्रण): प्लास्टिक पिघलाकर नया सामान बनाना।
CTET EVS Notes
A. विभिन्न प्रकार के घर (Types of Houses) ▼
जगह की जलवायु (Climate) के अनुसार घर अलग-अलग होते हैं:
- यहाँ बहुत बारिश होती है।
- घर जमीन से 10-12 फीट ऊंचे बनाए जाते हैं।
- ये बांस के खंभों (Bamboo Pillars) पर टिके होते हैं।
- अंदर भी लकड़ी का प्रयोग होता है।
- मकान दो मंजिल (2 Floors) के होते हैं।
- पत्थरों को काटकर एक के ऊपर एक रखकर बनाते हैं। उस पर मिट्टी और चूने की पुताई होती है।
- Ground Floor: जानवरों और सामान के लिए (खिड़की नहीं होती)।
- First Floor: लोग रहते हैं।
- छत समतल (Flat) होती है और लकड़ी के मोटे तनों से बनी होती है (लाल मिर्च, सीताफल सुखाने के काम आती है)।
- यह पहाड़ी इलाका है। बारिश और बर्फ दोनों पड़ती है।
- घर पत्थर या लकड़ी के बने होते हैं।
- छतें ढालू (Sloping) होती हैं।
- गर्मी बहुत होती है।
- दीवारें बहुत मोटी (Thick) होती हैं (ताकि गर्मी अंदर न आए)।
- छत कंटीली झाड़ियों (Thorny bushes) की बनी होती है।
- जमीन को ‘गोबर’ से लीपा जाता है ताकि कीड़े न आएं।
- Houseboat: पर्यटकों के लिए। 80 फीट लंबी। इसमें ‘खत्मबंद’ (नक्काशी) होती है।
- डोंगा (Donga): डल झील में स्थानीय लोग इसमें रहते हैं।
- घरों में बाहर की ओर उभरी हुई खिड़कियाँ होती हैं जिन्हें ‘डब’ (Dab) कहते हैं।
B. नक्शा और रेलवे टिकट (Map & Ticket) ▼
CTET में पूछते हैं कि टिकट पर क्या लिखा होता है?
- PNR नंबर (Passenger Name Record).
- ट्रेन नंबर और नाम।
- सफर शुरू होने की तारीख और समय।
- किराया (Fare) और दूरी (km)।
- बर्थ और कोच नंबर।
- Note: यात्री का नाम अक्सर रिजर्वेशन चार्ट पर होता है, टिकट पर हमेशा पूरा नाम नहीं होता (ई-टिकट अलग है)।
| अरब सागर (Arabian Sea) के तट पर | बंगाल की खाड़ी (Bay of Bengal) के तट पर |
|---|---|
| केरल, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात | तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल |
दिशा (Direction): अगर आप दिल्ली (मध्य) में हैं, तो मध्य प्रदेश दक्षिण में है और पंजाब उत्तर में।
C. कला और त्यौहार (Art & Festivals) ▼
- राज्य: बिहार (मधुबनी जिला)।
- सामग्री: पिसे हुए चावल (Rice paste) में रंग मिलाकर।
- रंग: प्राकृतिक (हल्दी, नील, फूलों के रंग)।
- चित्र: इंसान, जानवर, पेड़, फूल, मछली।
- चेराओ (Cheraw) नृत्य: मिजोरम (Mizoram)। फसल कटने पर बांस की डंडियों के साथ नाचते हैं।
- बिहू (Bihu): असम (Assam)। नए चावल की फसल पर। (बांस का भेला घर बनाते हैं)।
- कुडुक (Kuduk): यह झारखंड की भाषा है। (जंगल को ‘तोरंग’ कहते हैं – सूर्यमणि की कहानी)।
- पोंगल: तमिलनाडु।
D. परिवार (Family) ▼
- एकल परिवार (Nuclear Family): माता-पिता और उनके अविवाहित बच्चे। (छोटा परिवार)।
- संयुक्त परिवार (Joint Family): दादा-दादी, चाचा-चाची, बुआ, माता-पिता और बच्चे। (सब साथ रहते हैं)।
CTET EVS Notes
A. एकीकृत EVS (Integrated Nature) ▼
NCF 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर (Primary Level) पर EVS एक अलग विषय नहीं है, बल्कि यह 3 विषयों का मिश्रण (Integration) है:
- 1. विज्ञान (Science)
- 2. सामाजिक विज्ञान (Social Science)
- 3. पर्यावरण शिक्षा (Environmental Education)
Note: कक्षा 1 और 2 में EVS की कोई किताब नहीं होती। इन कक्षाओं में EVS को भाषा (Language) और गणित (Maths) के माध्यम से पढ़ाया जाता है। EVS की किताबें कक्षा 3 से शुरू होती हैं।
B. EVS की 6 थीम्स (Six Themes) – Most Imp ▼
EVS का पूरा सिलेबस इन 6 थीम्स पर आधारित है:
- 1 परिवार और मित्र (Family & Friends)
- 2 भोजन (Food)
- 3 पानी (Water)
- 4 आवास (Shelter)
- 5 यात्रा (Travel)
- 6 हम जो सोचते और करते हैं (Things we make and do)
केवल ‘परिवार और मित्र’ की 4 उप-थीम हैं:
- संबंध (Relationships)
- काम और खेल (Work & Play)
- जानवर (Animals)
- पौधे (Plants)
*ध्यान दें: पौधे और जानवर मुख्य थीम नहीं हैं, वे उप-थीम हैं।
C. कैसे पढ़ाएं? (How to Teach?) ▼
- क्षेत्र भ्रमण (Field Trips): यह EVS पढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है। बच्चे वास्तविक अनुभव (Real Life Experience) से सीखते हैं।
- करके सीखना (Learning by Doing): बच्चों को खुद गतिविधियाँ (Activities) करने दें।
- कहानी और कविताएं (Stories & Poems): इनका उपयोग बच्चों में रुचि और कल्पना (Imagination) जगाने के लिए होता है, न कि मनोरंजन के लिए।
- चर्चा (Discussion): बच्चों के अनुभवों को कक्षा में स्थान दें।
रटाना (Rote Learning), परिभाषाएं (Definitions) याद कराना, लेबल करना (Labeling), केवल किताब से पढ़ाना, व्याख्यान (Lecture) देना।
D. मानचित्र कौशल (Map Skills) ▼
मानचित्र सिखाने से बच्चों में “स्थान, दूरी और दिशाओं की सापेक्ष स्थिति” (Relative Position) की समझ विकसित होती है।
यह रटने का कौशल नहीं है, बल्कि समझने का कौशल है।
E. मूल्यांकन के तरीके (Tools) ▼
- पोर्टफोलियो (Portfolio): बच्चे के काम का संग्रह (चित्र, वर्कशीट, प्रोजेक्ट)। यह बच्चे की क्रमिक प्रगति (Gradual Progress) दिखाता है। (Best Tool)
- अवलोकन (Observation): बच्चे को गतिविधियों के दौरान देखना।
- रूब्रिक्स (Rubrics): मूल्यांकन के लिए मापदंडों का सेट।
- Formative Assessment: पढ़ाई के दौरान होने वाला मूल्यांकन (सीखने के लिए मूल्यांकन / Assessment for Learning)।




Very good content