
2026
Board Exam Special
विज्ञान
Full Revision Guide
Mind Map
Formulas
V.V.I. Facts
⚡ भौतिकी
🧪 रसायन
🌿 जीव विज्ञान
विज्ञान (Science)
कक्षा 10वीं
सम्पूर्ण माइंड मैप (Mind Map)
विस्तृत रिवीजन नोट्स & फॉर्मूला
(परीक्षा 2026 विशेष)
विस्तृत रिवीजन नोट्स & फॉर्मूला
(परीक्षा 2026 विशेष)
रिवीजन हाइलाइट्स:
- ✓ सभी 16 अध्याय (Detailed)
- ✓ रासायनिक समीकरण & संतुलन
- ✓ जीव विज्ञान के डायग्राम निर्देश
- ✓ भौतिकी के सभी सूत्र (Numerical Special)
- ✓ बोर्ड परीक्षा के लिए “Golden Facts”
1. रासायनिक अभिक्रियाएँ एवं समीकरण
रासायनिक
परिवर्तन
परिवर्तन
अभिक्रिया के प्रकार
- संयोजन (Combination): दो अभिकारक मिलकर एक उत्पाद बनाते हैं।
CaO(s) + H₂O(l) → Ca(OH)₂(aq) + ऊष्मा
(बिना बुझा चूना → बुझा चूना) - वियोजन (Decomposition): एक अभिकारक टूटकर नए उत्पाद बनाता है।
- ऊष्मीय: CaCO₃ → CaO + CO₂ (सीमेंट उद्योग)
- प्रकाशीय: 2AgCl → 2Ag + Cl₂ (श्वेत-श्याम फोटोग्राफी)
- वैद्युत: 2H₂O → 2H₂ + O₂
अन्य अभिक्रियाएँ
- विस्थापन (Displacement): अधिक सक्रिय तत्व कम सक्रिय को हटाता है।
Fe + CuSO₄(नीला) → FeSO₄(हरा) + Cu - द्वि-विस्थापन: आयनों का आदान-प्रदान।
Na₂SO₄ + BaCl₂ → BaSO₄(सफेद अवक्षेप) + 2NaCl - रेडॉक्स: उपचयन (O₂ जुड़ना) + अपचयन (O₂ हटना)।
CuO + H₂ → Cu + H₂O
दैनिक जीवन में प्रभाव
संक्षारण (Corrosion):
- लोहे पर भूरी परत (जंग): Fe₂O₃.xH₂O
- चांदी पर काली परत (Ag₂S)
- तांबे पर हरी परत (कॉपर कार्बोनेट)
विकृतगंधिता (Rancidity):
- तेल/वसा का उपचयन होने से स्वाद/गंध बिगड़ना।
- बचाव: एंटीऑक्सीडेंट, वायुरोधी बर्तन, नाइट्रोजन गैस (चिप्स पैकेट)।
संतुलन (Balancing): द्रव्यमान संरक्षण नियम के पालन के लिए आवश्यक है। (Hit and Trial विधि)।
श्वसन अभिक्रिया (ऊष्माक्षेपी): C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + ऊर्जा
श्वसन अभिक्रिया (ऊष्माक्षेपी): C₆H₁₂O₆ + 6O₂ → 6CO₂ + 6H₂O + ऊर्जा
2. अम्ल, क्षारक एवं लवण
अम्ल (Acids)
- स्वाद में खट्टे, जल में H⁺ आयन देते हैं।
- नीले लिटमस को लाल करते हैं।
- प्राकृतिक स्रोत: नींबू (सिट्रिक), सिरका (एसिटिक), इमली (टार्टरिक), टमाटर (ऑक्सालिक), दही (लैक्टिक), चींटी डंक (मेथेनोइक)।
क्षारक (Bases)
- स्वाद में कड़वे, OH⁻ आयन।
- लाल लिटमस को नीला करते हैं।
- सूचक:
लिटमस, हल्दी (प्राकृतिक)
मेथिल ऑरेंज, फेनोल्फ्थेलिन (कृत्रिम)
प्याज, वनीला (गंधीय)
रासायनिक गुण & pH स्केल
- धातु + अम्ल: लवण + H₂ गैस (फट-फट ध्वनि के साथ जलती है)।
- अम्ल + क्षार (उदासीनीकरण): लवण + जल (HCl + NaOH → NaCl + H₂O)।
- pH मान (0-14):
7 (उदासीन), <7 (अम्लीय), >7 (क्षारीय)।
रक्त (7.4), शुद्ध जल (7), जठर रस (1.2), मिल्क ऑफ मैग्नीशिया (10)। - महत्व: अम्लीय वर्षा (pH < 5.6), दंत क्षय (pH < 5.5)।
प्रमुख लवण (Salts)
- विरंजक चूर्ण (CaOCl₂): Cl₂ की गंध, कीटाणुनाशक, सूती वस्त्र विरंजन।
- बेकिंग सोडा (NaHCO₃): एंटासिड, पकोड़े खस्ता करना, अग्निशामक।
- धोने का सोडा (Na₂CO₃.10H₂O): कांच/साबुन उद्योग, जल की स्थाई कठोरता हटाना।
- प्लास्टर ऑफ पेरिस (CaSO₄.½H₂O): जिप्सम (CaSO₄.2H₂O) को 373K पर गर्म करने से। उपयोग: मूर्ति, टूटी हड्डी।
3. धातु एवं अधातु
भौतिक गुण (अपवाद सहित)
- धातु: ठोस (अपवाद: पारा-द्रव), आघातवर्ध्य, तन्य, सुचालक।
Na, K (मुलायम, चाकू से कटते हैं)।
Ga, Cs (हथेली पर पिघलते हैं)। - अधातु: भंगुर, कुचालक।
ब्रोमीन (द्रव), आयोडीन (चमकीला)।
ग्रेफाइट (विद्युत सुचालक)।
रासायनिक गुण
- ऑक्साइड: धातु (क्षारीय), अधातु (अम्लीय)।
उभयधर्मी: Al₂O₃, ZnO (अम्ल-क्षार दोनों से क्रिया)। - सक्रियता श्रेणी: K > Na > Ca > Mg > Al > Zn > Fe > Pb > H > Cu > Hg > Ag > Au
- आयनिक यौगिक: इलेक्ट्रॉन स्थानांतरण से (NaCl)। उच्च गलनांक।
धातु कर्म (Extraction)
- अयस्क सांद्रण: गंग (अशुद्धि) हटाना।
- भर्जन (Roasting): सल्फाइड अयस्क, वायु की उपस्थिति (2ZnS + 3O₂ → 2ZnO + 2SO₂)।
- निस्तापन (Calcination): कार्बोनेट अयस्क, वायु की अनुपस्थिति (ZnCO₃ → ZnO + CO₂)।
- मिश्रधातु (Alloys): समांगी मिश्रण।
पीतल (Cu+Zn), कांसा (Cu+Sn), सोल्डर (Pb+Sn), अमलगम (Hg के साथ)। - यशद लेपन: लोहे पर जिंक की परत (Galvanization)।
- एक्वा रेजिया: HCl (3) : HNO₃ (1) – सोना गलाने वाला द्रव।
4. कार्बन एवं उसके यौगिक
सहसंयोजन
कार्बन की प्रकृति
- श्रृंखलन: कार्बन-कार्बन लंबी चेन बनाने का गुण।
- चतु:संयोजकता: 4 वैलेंसी।
- अपररूप:
– हीरा (कठोरतम, कुचालक)
– ग्रेफाइट (परतदार, सुचालक)
– C-60 बकमिंस्टरफुलेरीन
हाइड्रोकार्बन
- संतृप्त (एल्केन): एकल बंध (C-C), CₙH₂ₙ₊₂ (मेथेन CH₄, एथेन)।
- असंतृप्त:
– एल्कीन (=): CₙH₂ₙ (एथीन)
– एल्काइन (≡): CₙH₂ₙ₋₂ (एथाइन) - समजातीय श्रेणी: -CH₂- का अंतर।
प्रमुख कार्बनिक यौगिक & अभिक्रियाएँ
- एथेनॉल (C₂H₅OH): शराब, टिंचर आयोडीन। Na से क्रिया कर H₂ देता है।
- एथेनोइक अम्ल (CH₃COOH): सिरका (3-4% घोल)।
- एस्टरीकरण: एथेनॉल + एथेनोइक अम्ल → एस्टर (मीठी गंध, इत्र में उपयोग)।
- साबुनीकरण: एस्टर + क्षार → साबुन + एल्कोहल।
- ऑक्सीकरण: एथेनॉल को क्षारीय KMnO₄ से एथेनोइक अम्ल में बदलना।
साबुन और अपमार्जक:
साबुन लंबी श्रृंखला वाले वसीय अम्लों के सोडियम लवण हैं। कठोर जल (Ca/Mg आयन) में अघुलनशील ‘स्कम’ बनाते हैं।
अपमार्जक (Detergent) कठोर जल में भी प्रभावी होते हैं (सल्फोनेट लवण)। मिसेल निर्माण द्वारा सफाई होती है।
साबुन लंबी श्रृंखला वाले वसीय अम्लों के सोडियम लवण हैं। कठोर जल (Ca/Mg आयन) में अघुलनशील ‘स्कम’ बनाते हैं।
अपमार्जक (Detergent) कठोर जल में भी प्रभावी होते हैं (सल्फोनेट लवण)। मिसेल निर्माण द्वारा सफाई होती है।
5. तत्वों का आवर्त वर्गीकरण
प्रारंभिक वर्गीकरण
- डोबेराइनर के त्रिक: (Li, Na, K) – बीच वाले का द्रव्यमान औसत होता है।
- न्यूलैंड्स का अष्टक: संगीत के सुर (सा, रे, गा…), केवल कैल्शियम तक लागू।
- मेंडलीव की सारणी: परमाणु द्रव्यमान पर आधारित। 63 तत्व। रिक्त स्थान छोड़े (Eka-boron आदि)।
आधुनिक आवर्त सारणी
- जनक: हेनरी मोज्ले (1913)।
- आधार: परमाणु संख्या (Z)।
- 18 समूह (ऊर्ध्वाधर स्तंभ), 7 आवर्त (क्षैतिज पंक्तियाँ)।
- उपधातु (Zig-zag line): B, Si, Ge, As, Sb, Te, Po.
आवर्त सारणी की प्रवृत्तियां (Trends)
| गुणधर्म | आवर्त (बाएं से दाएं) | समूह (ऊपर से नीचे) | कारण |
|---|---|---|---|
| परमाणु त्रिज्या | घटती है | बढ़ती है | नाभिकीय आवेश / कोशों की संख्या |
| धात्विक गुण | घटता है | बढ़ता है | इलेक्ट्रॉन त्यागने की प्रवृत्ति |
| अधात्विक गुण | बढ़ता है | घटता है | इलेक्ट्रॉन ग्रहण करना |
| विद्युत ऋणात्मकता | बढ़ती है | घटती है | प्रभावी नाभिकीय आवेश |
6. जैव प्रक्रम: पोषण (Nutrition)
पोषण के प्रकार
- स्वपोषी (पौधे): प्रकाश संश्लेषण।
6CO₂ + 12H₂O → C₆H₁₂O₆ + 6O₂ + 6H₂O
घटनाएं: क्लोरोफिल द्वारा ऊर्जा अवशोषण, प्रकाश ऊर्जा का रासायनिक में परिवर्तन, CO₂ का अपचयन। - विषमपोषी:
– प्राणीसम (मानव, अमीबा)
– मृतजीवी (फफूंदी)
– परजीवी (अमरबेल, फीताकृमि)
मानव पाचन तंत्र
- मुंह: लार एमाइलेज (मंड का पाचन)।
- ग्रसिका: क्रमानुकुंचन गति।
- आमाशय: जठर रस (HCl + पेप्सिन + श्लेष्मा)। HCl माध्यम अम्लीय करता है।
- यकृत: पित्त रस (वसा का इमल्सीकरण)।
- अग्न्याशय: ट्रिप्सिन (प्रोटीन), लाइपेज (वसा)।
- क्षुद्रांत्र: पूर्ण पाचन और वििलाई द्वारा अवशोषण।
[चित्र निर्देश: मानव पाचन तंत्र]
नामांकन: मुख, ग्रसिका, आमाशय (J-आकार), यकृत, अग्न्याशय, छोटी आंत, बड़ी आंत, गुदा।
नामांकन: मुख, ग्रसिका, आमाशय (J-आकार), यकृत, अग्न्याशय, छोटी आंत, बड़ी आंत, गुदा।
6. श्वसन, वहन और उत्सर्जन
श्वसन (Respiration)
- वायवीय (Aerobic): O₂ की उपस्थिति, माइटोकॉन्ड्रिया में, 38 ATP, पूर्ण विखंडन (CO₂ + H₂O)।
- अवायवीय (Anaerobic): O₂ का अभाव।
– यीस्ट में: इथेनॉल + CO₂
– पेशियों में: लैक्टिक अम्ल (ऐंठन का कारण)। - गैस विनिमय: मानव में कूपिका (Alveoli) और रक्त के बीच।
परिवहन (Transportation)
- हृदय: 4 कोष्ठक। दोहरा परिसंचरण (फुफ्फुस + दैहिक)।
- रक्त वाहिकाएं:
– धमनी (Artery): हृदय से अंग, मोटी भित्ति, उच्च दाब।
– शिरा (Vein): अंग से हृदय, वाल्व होते हैं। - पादप: जाइलम (जल/खनिज), फ्लोएम (भोजन/सुक्रोज)।
उत्सर्जन (Excretion):
मानव में वृक्क (Kidney) प्रमुख अंग है। इसकी कार्यात्मक इकाई ‘नेफ्रॉन’ (Nephron) है।
मूत्र निर्माण: निस्यंदन (Filtration) → पुनरावशोषण (Reabsorption) → स्रावण (Secretion)।
पौधों में अपशिष्ट: गोंद, रेजिन, गिरती पत्तियां।
मानव में वृक्क (Kidney) प्रमुख अंग है। इसकी कार्यात्मक इकाई ‘नेफ्रॉन’ (Nephron) है।
मूत्र निर्माण: निस्यंदन (Filtration) → पुनरावशोषण (Reabsorption) → स्रावण (Secretion)।
पौधों में अपशिष्ट: गोंद, रेजिन, गिरती पत्तियां।
7. नियंत्रण एवं समन्वय
तंत्रिका तंत्र
- न्यूरॉन: संरचनात्मक इकाई। आवेग का मार्ग: द्रुमिका → कोशिका काय → तंत्रिकाक्ष → सिनेप्स।
- सिनेप्स: दो न्यूरॉन के बीच का रिक्त स्थान (रासायनिक संकेत)।
- प्रतिवर्ती क्रिया: मेरुर्ज्जु द्वारा नियंत्रित अनैच्छिक क्रिया (तुरंत)। उदा. गर्म वस्तु छूने पर हाथ हटाना।
मानव मस्तिष्क
- अग्रमस्तिष्क: सोचना, याददाश्त, ऐच्छिक क्रिया, भूख।
- मध्यमस्तिष्क: दृष्टि/श्रवण प्रतिवर्त।
- पश्चमस्तिष्क:
– अनुमस्तिष्क: शरीर का संतुलन, साइकिल चलाना।
– मेंड्यूला: अनैच्छिक (BP, उल्टी, लार)।
हार्मोन (पादप & जंतु)
- पादप हार्मोन:
– ऑक्सिन: प्रकाशानुवर्तन, लंबाई।
– जिबरेलिन: तने की वृद्धि।
– साइटोकाइनिन: कोशिका विभाजन।
– एब्सिसिक अम्ल: वृद्धि रोकना, पत्तियों का मुरझाना।
- जंतु हार्मोन:
– थायरोक्सिन (थायराइड): कार्बोहाइड्रेट उपापचय (घेंघा रोग)।
– इन्सुलिन (अग्न्याशय): रक्त शर्करा नियंत्रण (मधुमेह)।
– एड्रीनेलिन (एड्रीनल): आपातकालीन (हृदय धड़कन)।
– वृद्धि हार्मोन (पीयूष ग्रंथि)।
8. जीव जनन कैसे करते हैं?
अलैंगिक जनन
- विखंडन: अमीबा (द्विखंडन), प्लाज्मोडियम (बहुखंडन)।
- खंडन: स्पाइरोगाइरा।
- पुनरुद्भवन: प्लेनेरिया, हाइड्रा।
- मुकुलन: हाइड्रा, यीस्ट।
- कायिक प्रवर्धन: ब्रायोफिलम (पत्ती), गुलाब, गन्ना।
पुष्प में लैंगिक जनन
- नर भाग: पुंकेसर (परागकोश → परागकण)।
- मादा भाग: स्त्रीकेसर (वर्तिकाग्र, वर्तिका, अंडाशय)।
- परागण: स्व-परागण / पर-परागण।
- द्वि-निषेचन: अंडाशय → फल, बीजांड → बीज।
मानव जनन तंत्र
- नर: वृषण (Testes – शुक्राणु + टेस्टोस्टेरोन), शुक्रवाहिका, शिश्न।
- मादा: अंडाशय (Ovary – अंड + एस्ट्रोजन), अंडवाहिका (Fallopian tube – निषेचन स्थल), गर्भाशय।
- प्लेसेंटा: भ्रूण को माँ के रक्त से पोषण और O₂ प्रदान करता है।
- जनन स्वास्थ्य:
– गर्भनिरोधन: कॉपर-टी, कंडोम, शल्य क्रिया।
– STD: सिफिलिस, गोनोरिया (जीवाणु); HIV-AIDS, मस्सा (वायरस)।
9. आनुवंशिकता एवं जैव विकास
मेंडल के नियम
- मटर (Pisum sativum) के 7 विकल्पी लक्षण।
- प्रभावी (Dominant): F1 में प्रकट (T)।
- अप्रभावी (Recessive): F1 में गुप्त (t)।
- एकसंकर अनुपात: लक्षण प्रारूप 3:1, जीन प्रारूप 1:2:1।
- द्विसंकर अनुपात: 9:3:3:1 (गोल-पीले : …)।
लिंग निर्धारण
- मानव में 23 जोड़े गुणसूत्र (22 जोड़े कायिक + 1 जोड़ा लिंग)।
- नर: XY, मादा: XX
- निषेचन:
X (अंड) + X (शुक्राणु) → लड़की
X (अंड) + Y (शुक्राणु) → लड़का - लिंग निर्धारण पूर्णतः पिता के गुणसूत्र पर निर्भर है।
जैव विकास (Evolution)
- समजात अंग (Homologous): उत्पत्ति समान, कार्य भिन्न (मेंढक का अग्रपाद, छिपकली, पक्षी, मानव)। यह ‘अपसारी विकास’ दर्शाता है।
- समरूप अंग (Analogous): कार्य समान, उत्पत्ति भिन्न (पक्षी और चमगादड़ के पंख)। यह ‘अभिसारी विकास’ है।
- जीवाश्म: आर्कियोप्टेरिक्स (पक्षी और सरीसृप के बीच की कड़ी)।
- जाति उद्भव: प्राकृतिक चयन, आनुवंशिक विचलन, भौगोलिक पृथक्करण।
10. प्रकाश – परावर्तन तथा अपवर्तन
प्रकाश
परावर्तन (Reflection)
- अवतल दर्पण: अभिसारी। वास्तविक और आभासी दोनों प्रतिबिंब। उपयोग: टॉर्च, हेडलाइट, शेविंग, दंत चिकित्सक, सौर भट्ठी।
- उत्तल दर्पण: अपसारी। सदैव छोटा आभासी प्रतिबिंब। उपयोग: पश्च दृश्य दर्पण (Side mirror)।
- f = R/2
दर्पण सूत्र: 1/v + 1/u = 1/f
आवर्धन m = -v/u = h’/h
आवर्धन m = -v/u = h’/h
अपवर्तन (Refraction)
- नियम: आपतित किरण, अपवर्तित किरण, अभिलंब एक तल में। स्नेल का नियम (sin i / sin r = n)।
- अपवर्तनांक: n = c/v। हीरा (2.42), जल (1.33)।
- लेंस: उत्तल (अभिसारी, वास्तविक/आभासी), अवतल (अपसारी, आभासी)।
लेंस सूत्र: 1/v – 1/u = 1/f
क्षमता P = 1/f(m) (Unit: Diopter D)
क्षमता P = 1/f(m) (Unit: Diopter D)
चिह्न परिपाटी: प्रकाश बाईं ओर से। u हमेशा ऋणात्मक (-ve)। उत्तल की f (+ve), अवतल की f (-ve)।
11. मानव नेत्र एवं रंगबिरंगा संसार
नेत्र की कार्यप्रणाली
- पुतली: परितारिका (Iris) द्वारा नियंत्रित, प्रकाश की मात्रा तय करती है।
- लेंस: पक्ष्माभी पेशियों (Ciliary muscles) द्वारा फोकस दूरी बदलता है (समंजन क्षमता)।
- रेटिना: वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब बनता है। (शलाका और शंकु कोशिकाएं)।
दृष्टि दोष & निवारण
- निकट दृष्टि (Myopia): दूर का नहीं दिखता। प्रतिबिंब रेटिना के आगे। निवारण: अवतल लेंस।
- दीर्घ दृष्टि (Hypermetropia): पास का नहीं दिखता। प्रतिबिंब रेटिना के पीछे। निवारण: उत्तल लेंस।
- जरा दूरदृष्टिता: द्विफोकसी लेंस।
प्राकृतिक परिघटनाएं
- विक्षेपण: प्रिज्म द्वारा 7 रंग (VIBGYOR)। लाल का विचलन सबसे कम।
- इंद्रधनुष: विक्षेपण + अपवर्तन + पूर्ण आंतरिक परावर्तन।
- प्रकीर्णन (Scattering):
– आकाश नीला (नीले रंग का प्रकीर्णन)।
– सूर्योदय/सूर्यास्त लाल (लाल रंग लंबी दूरी तय करता है)।
– अंतरिक्ष काला (वायुमंडल नहीं)। - तारों का टिमटिमाना: वायुमंडलीय अपवर्तन।
12. विद्युत (Electricity)
मूल अवधारणाएं
- विद्युत धारा (I): आवेश प्रवाह की दर। I = Q/t. मात्रक: एम्पियर (A)।
- विभवांतर (V): V = W/Q. मात्रक: वोल्ट (V)।
- ओम का नियम: V ∝ I ⇒ V = IR (नियत ताप पर)।
- प्रतिरोध (R): धारा का विरोध। निर्भरता: R ∝ l (लंबाई), R ∝ 1/A (अनुप्रस्थ काट), पदार्थ (ρ), तापमान।
- प्रतिरोधकता (ρ): R = ρ(l/A). मात्रक: Ωm.
परिपथ & शक्ति
- श्रेणीक्रम: R = R₁ + R₂ … (धारा समान)।
- पार्श्वक्रम: 1/R = 1/R₁ + 1/R₂ … (विभवांतर समान)। घरों में उपयोग।
- तापीय प्रभाव: H = I²Rt (जूल का नियम)।
- शक्ति (Power): P = VI = I²R = V²/R. मात्रक: वाट (W)।
- ऊर्जा: kWh (यूनिट). 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J.
13. विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव
चुंबकीय क्षेत्र
- दिशा: चुंबक के बाहर N → S, अंदर S → N.
- क्षेत्र रेखाएं बंद वक्र होती हैं, कभी नहीं काटतीं।
- परिनालिका (Solenoid): धारावाही कुंडली। अंदर क्षेत्र एकसमान (समांतर)। इसका उपयोग ‘विद्युत चुंबक’ बनाने में होता है (नरम लोहे पर)।
महत्वपूर्ण नियम
- दायां हाथ अंगुष्ठ नियम: धारावाही तार के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र की दिशा।
- फ्लेमिंग का वामहस्त नियम (Left): विद्युत मोटर (बल की दिशा – अंगूठा)। (F-B-I).
- फ्लेमिंग का दक्षिण हस्त नियम (Right): जनरेटर (प्रेरित धारा की दिशा)।
घरेलू परिपथ सुरक्षा:
– फ्यूज: श्रेणीक्रम में, कम गलनांक, अतिभारण/लघुपथन से बचाता है।
– भूसंपर्क तार (Earthing): हरा तार, लीकेज करंट को जमीन में भेजता है, झटका लगने से बचाता है।
– AC vs DC: भारत में AC आवृत्ति 50Hz है, दिशा बदलती है। DC दिशा नहीं बदलती (बैटरी)।
– फ्यूज: श्रेणीक्रम में, कम गलनांक, अतिभारण/लघुपथन से बचाता है।
– भूसंपर्क तार (Earthing): हरा तार, लीकेज करंट को जमीन में भेजता है, झटका लगने से बचाता है।
– AC vs DC: भारत में AC आवृत्ति 50Hz है, दिशा बदलती है। DC दिशा नहीं बदलती (बैटरी)।
15. हमारा पर्यावरण
पारितंत्र
आहार श्रृंखला & जाल
- उत्पादक (पौधे) → प्राथमिक उपभोक्ता (शाकाहारी) → द्वितीयक → तृतीयक।
- 10% नियम (लिंडमान): एक स्तर से अगले स्तर में केवल 10% ऊर्जा स्थानांतरित होती है। (शेष 90% ऊष्मा के रूप में नष्ट)। इसलिए श्रृंखला में 3-4 चरण ही होते हैं।
- जैव आवर्धन: हानिकारक रसायनों (DDT) का खाद्य श्रृंखला में प्रवेश और शीर्ष उपभोक्ता (मानव) में सर्वाधिक जमा होना।
पर्यावरणीय समस्याएं
- ओजोन परत (O₃): समताप मंडल में। सूर्य की हानिकारक UV किरणों को रोकती है। CFC (क्लोरोफ्लोरोकार्बन) इसे नष्ट करता है।
- कचरा प्रबंधन: जैव निम्नीकरणीय (सब्जी, कागज) और अजैव निम्नीकरणीय (प्लास्टिक, कांच) को अलग करना।
16. प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन
संपोषित विकास
- 5 R: Refuse (इनकार), Reduce (कम उपयोग), Reuse (पुनः उपयोग), Repurpose (पुनः प्रयोजन), Recycle (पुनः चक्रण)।
- स्टेकहोल्डर्स (दावेदार): स्थानीय लोग, वन विभाग, उद्योगपति, वन्यजीव प्रेमी।
- आंदोलन: बिश्नोई समाज (अमृता देवी, खेजड़ी वृक्ष), चिपको आंदोलन (रेनी गाँव, सुंदरलाल बहुगुणा)।
जल संग्रहण
- प्राचीन विधियाँ: खादिन/नाडी (राजस्थान), बंधारस/ताल (महाराष्ट्र), कुल्ह (हिमाचल), आहार-पाइन (बिहार), एरिस (तमिलनाडु)।
- बाध (Dams): बिजली, सिंचाई। समस्या: विस्थापन, वनों का डूबना।
- कोलीफॉर्म जीवाणु: पानी में इसकी उपस्थिति संदूषण (Contamination) दिखाती है।
रिवीजन पॉकेट (Quick Formulas)
भौतिकी सूत्र (Physics)
- 1/f = 1/v + 1/u (दर्पण)
- 1/f = 1/v – 1/u (लेंस)
- m = -v/u (दर्पण), v/u (लेंस)
- P = 1/f (m)
- n = c/v = sin i / sin r
- V = IR
- R = ρl/A
- Rₛ = R₁ + R₂
- 1/Rₚ = 1/R₁ + 1/R₂
- P = VI = I²R = V²/R
- H = I²Rt
महत्वपूर्ण रासायनिक सूत्र
- बुझा चूना: Ca(OH)₂
- ब्लीचिंग पाउडर: CaOCl₂
- बेकिंग सोडा: NaHCO₃
- धोने का सोडा: Na₂CO₃.10H₂O
- POP: CaSO₄.½H₂O
- जिप्सम: CaSO₄.2H₂O
- नीला थोथा: CuSO₄.5H₂O
- ग्लूकोज: C₆H₁₂O₆
- एल्केन: CₙH₂ₙ₊₂
- एल्कीन: CₙH₂ₙ
- एल्काइन: CₙH₂ₙ₋₂
- बेंजीन: C₆H₆
अंतिम मिनट टिप्स:
1. SI मात्रक (Unit) लिखना न भूलें।
2. किरण आरेख में तीर (Arrow) जरूर लगाएं।
3. रसायनिक समीकरण संतुलित करें।
4. अंतर वाले प्रश्नों को टेबल बनाकर लिखें।
1. SI मात्रक (Unit) लिखना न भूलें।
2. किरण आरेख में तीर (Arrow) जरूर लगाएं।
3. रसायनिक समीकरण संतुलित करें।
4. अंतर वाले प्रश्नों को टेबल बनाकर लिखें।



