
धातु और अधातु (Metal and Non-metal) – संपूर्ण महा-गाइड
रसायन विज्ञान (Chemistry) का गहन अध्ययन | कक्षा 10 से लेकर UPSC, SSC और रेलवे परीक्षाओं के लिए निर्णायक सामग्री
1. प्रस्तावना (Introduction)
प्रिय विद्यार्थियों और जिज्ञासु पाठकों! 👋
क्या आपने कभी सोचा है कि जिस सोने (Gold) के आभूषण हम पहनते हैं, और जिस कोयले (Coal) को हम जलाते हैं, वे दोनों दिखने में और काम करने में इतने अलग क्यों हैं? एक चमकता है, तो दूसरा काला है। एक को खींचकर तार बनाया जा सकता है, जबकि दूसरा चोट मारने पर टूट जाता है।
यही अंतर हमें ले जाता है रसायन विज्ञान के एक बहुत ही रोचक विषय की ओर, जिसे हम “धातु और अधातु” (Metals and Non-metals) कहते हैं।
इस विस्तृत गाइड में, हम रसायन विज्ञान की इस नींव को बहुत गहराई से समझेंगे। हम केवल परिभाषाएं नहीं रटेंगे, बल्कि उनके पीछे के विज्ञान (“क्यों” और “कैसे”) को समझेंगे। चाहे आप 10वीं कक्षा के छात्र हों या रेलवे/SSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हों, यह गाइड आपके लिए ‘रामबाण’ साबित होगी।
2. मूल अवधारणा (Basic Concept)
(A) इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के आधार पर परिभाषा
आइए इलेक्ट्रॉन के आधार पर इनकी परिभाषा को गहराई से समझें:
- धातु (Electro-positive Elements): वे तत्व जिनके बाहरी कोश (Outer Shell) में सामान्यतः 1, 2 या 3 इलेक्ट्रॉन होते हैं। ये स्थायित्व प्राप्त करने के लिए इलेक्ट्रॉन त्यागते हैं और धनायन (Cation) बनाते हैं।
उदाहरण: Na (2,8,1) → Na+ + e– - अधातु (Electro-negative Elements): वे तत्व जिनके बाहरी कोश में 5, 6 या 7 इलेक्ट्रॉन होते हैं। ये अष्टक (Octet) पूरा करने के लिए इलेक्ट्रॉन ग्रहण करते हैं और ऋणायन (Anion) बनाते हैं।
उदाहरण: Cl (2,8,7) + e– → Cl– (2,8,8)
3. भौतिक गुणों में अंतर – विस्तृत विश्लेषण
प्रिय छात्रों, परीक्षा में अंतर स्पष्ट करने वाले प्रश्न बहुत आते हैं। नीचे दी गई तालिका और उसके बाद दिए गए अपवादों को ध्यान से पढ़ें।
| गुण (Property) | धातु (Metals) | अधातु (Non-metals) |
|---|---|---|
| 1. अवस्था (State) | सामान्यतः कमरे के तापमान पर ठोस (Solid) होती हैं। | ये ठोस, द्रव और गैस तीनों अवस्थाओं में मिल सकती हैं। |
| 2. चमक (Lustre) | इनमें एक विशेष धात्विक चमक होती है। | ये चमकहीन होती हैं। |
| 3. कठोरता (Hardness) | ये सामान्यतः कठोर होती हैं। | ये सामान्यतः नरम या भंगुर होती हैं। |
| 4. आघातवर्ध्यता (Malleability) | इन्हें पीटकर पतली चादर (Sheet) बनाया जा सकता है। | ये भंगुर (Brittle) होती हैं, चोट मारने पर टूट जाती हैं। |
| 5. चालकता (Conductivity) | ये ऊष्मा और विद्युत की सुचालक होती हैं। | ये कुचालक (Insulator) होती हैं। |
महत्वपूर्ण अपवाद (Critical Exceptions) – परीक्षा विशेष
- 🔴 द्रव धातु/अधातु: ‘पारा’ (Mercury) एकमात्र द्रव धातु है, जबकि ‘ब्रोमीन’ (Bromine) एकमात्र द्रव अधातु है।
- 🔴 नरम धातुएं: सोडियम (Na) और पोटैशियम (K) धातु होते हुए भी इतने नरम हैं कि चाकू से काटे जा सकते हैं।
- 🔴 चमकीली अधातु: आयोडीन (Iodine) एक अधातु है, फिर भी इसमें धात्विक चमक होती है।
- 🔴 कठोर अधातु: हीरा (Diamond) कार्बन का अपरूप है जो प्रकृति का सबसे कठोर पदार्थ है (धातुओं से भी कठोर)।
- 🔴 सुचालक अधातु: ग्रेफाइट (Graphite) अधातु होते हुए भी विद्युत का सुचालक है।
4. धातुओं के रासायनिक गुण (Chemical Properties of Metals)
(i) ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया और उभयधर्मी ऑक्साइड
धातुएं ऑक्सीजन के साथ मिलकर धातु ऑक्साइड बनाती हैं जो आमतौर पर क्षारीय (Basic) होते हैं।
एल्युमिनियम (Al) और जिंक (Zn) के ऑक्साइड विशेष हैं। ये अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करते हैं।
उदाहरण: Al2O3 + 6HCl → 2AlCl3 + 3H2O (अम्ल के साथ अभिक्रिया)
एनोडीकरण (Anodizing)
एल्युमिनियम पर ऑक्साइड की एक मोटी सुरक्षात्मक परत बनाने की प्रक्रिया को एनोडीकरण कहते हैं। यह परत धातु को आगे संक्षारण (Corrosion) से बचाती है। इसी तकनीक से एल्युमिनियम के बर्तनों को सुरक्षित और रंगीन बनाया जाता है।
(ii) जल के साथ अभिक्रिया का विवरण
अलग-अलग धातुएं पानी के साथ अलग व्यवहार करती हैं:
| धातु | जल की अवस्था | परिणाम |
|---|---|---|
| Na, K | ठंडा पानी | हिंसक अभिक्रिया, आग पकड़ लेते हैं। |
| Ca | ठंडा पानी | कम हिंसक, तैरने लगता है। |
| Mg | गर्म पानी | तैरने लगता है। |
| Al, Fe, Zn | भाप (Steam) | केवल भाप से क्रिया करते हैं। |
| Cu, Ag, Au | कोई क्रिया नहीं | पानी से कोई अभिक्रिया नहीं करते। |
(iii) अम्लों के साथ अभिक्रिया और ‘अम्लराज’
धातुएं तनु अम्ल के साथ क्रिया करके हाइड्रोजन गैस (H2) देती हैं।
Mg + 2HCl → MgCl2 + H2
अम्लराज (Aqua Regia) 🧪
यह सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) और सांद्र नाइट्रिक अम्ल (HNO3) का 3:1 के अनुपात में ताज़ा मिश्रण है। यह भभकता हुआ द्रव है जो सोने (Gold) और प्लेटिनम जैसी कठोर धातुओं को भी गला सकता है।
5. अधातुओं के रासायनिक गुण
- ऑक्सीजन के साथ: अधातुएं ऑक्सीजन के साथ क्रिया करके अम्लीय (Acidic) या उदासीन (Neutral) ऑक्साइड बनाती हैं।
उदाहरण: SO2 (अम्लीय), CO (उदासीन)। - जल के साथ: सामान्यतः अधातुएं पानी के साथ अभिक्रिया नहीं करतीं। इसीलिए फॉस्फोरस जैसी सक्रिय अधातु को पानी में रखा जाता है ताकि वह हवा से आग न पकड़े।
6. कार्बन के अपरूप (Allotropes of Carbon)
कार्बन प्रकृति में विभिन्न रूपों में मिलता है जिनके भौतिक गुण अलग लेकिन रासायनिक गुण समान होते हैं।
| गुण | हीरा (Diamond) | ग्रेफाइट (Graphite) |
|---|---|---|
| संरचना | दृढ़ त्रि-आयामी (3D Rigid) | षट्कोणीय परतों में (Hexagonal Layers) |
| कठोरता | सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ | नरम और चिकना (Slippery) |
| विद्युत चालकता | कुचालक (Insulator) | सुचालक (Conductor) |
| उपयोग | आभूषण, कांच काटने में | पेंसिल लेड, स्नेहक (Lubricant) |
बकमिनस्टर फुलरीन (C60): यह कार्बन का एक अन्य अपरूप है जिसकी संरचना फुटबॉल जैसी होती है।
7. सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) – सुपर ट्रिक! 🔥
यह सूची बताती है कि कौन सी धातु सबसे ज्यादा ताकतवर (Reactive) है।
याद करने की ट्रिक (Mnemonic):
| तत्व (Element) | संकेत | प्रतिक्रियाशीलता |
|---|---|---|
| Potassium (केदार) | K | सबसे अधिक अभिक्रियाशील |
| Sodium (नाथ) | Na | |
| Calcium (का) | Ca | ↓ |
| Magnesium (माली) | Mg | ↓ |
| Aluminium (आलू) | Al | ↓ |
| Zinc (जरा) | Zn | ↓ घटती सक्रियता |
| Iron (फीके) | Fe | ↓ |
| Lead (पकाता) | Pb | ↓ |
| Hydrogen (है) | H | (संदर्भ के लिए) |
| Copper | Cu | ↓ |
| Silver | Ag | ↓ |
| Gold | Au | सबसे कम अभिक्रियाशील |
विस्थापन अभिक्रिया: अधिक अभिक्रियाशील धातु (जैसे आयरन), कम अभिक्रियाशील धातु (जैसे कॉपर) को उसके यौगिक से विस्थापित कर देती है।
Fe + CuSO4 → FeSO4 + Cu
8. आयनिक यौगिक (Ionic Compounds)
धातु (इलेक्ट्रॉन दाता) और अधातु (इलेक्ट्रॉन ग्राही) के बीच बने बंध को आयनिक बंध कहते हैं।
- ये विपरीत आवेशों (Positive & Negative ions) के मजबूत आकर्षण से जुड़े होते हैं।
- गुण: इनका गलनांक (Melting Point) बहुत उच्च होता है। ये ठोस और कठोर होते हैं। ये पानी में घुलनशील होते हैं और गलित अवस्था में बिजली का संचालन करते हैं।
9. धातुकर्म (Metallurgy): अयस्क से शुद्ध धातु तक
खदानों से अयस्क निकालकर शुद्ध धातु प्राप्त करने की प्रक्रिया के तीन मुख्य चरण हैं:
चरण 1: अयस्क का सांद्रण (Enrichment)
अयस्क से मिट्टी, रेत (गैंग) को हटाना। विधियां: जलीय धुलाई, फेन प्लवन विधि (सल्फाइड अयस्कों के लिए), और चुंबकीय पृथक्करण।
चरण 2: धातु का निष्कर्षण (Extraction)
- भर्जन (Roasting): सल्फाइड अयस्क को हवा की उपस्थिति में गर्म करना (जैसे ZnS को ZnO में बदलना)।
- निस्तापन (Calcination): कार्बोनेट अयस्क को हवा की अनुपस्थिति में गर्म करना (जैसे ZnCO3 को ZnO में बदलना)।
- अपचयन: ऑक्साइड प्राप्त होने के बाद, कार्बन (कोक) का उपयोग करके ऑक्सीजन को हटा दिया जाता है।
- थर्मिट अभिक्रिया: रेल की पटरियों को जोड़ने के लिए आयरन ऑक्साइड की एल्युमिनियम के साथ अभिक्रिया कराई जाती है जिससे पिघला हुआ लोहा प्राप्त होता है।
चरण 3: परिष्करण (Refining)
सबसे प्रचलित विधि विद्युत अपघटनी परिष्करण (Electrolytic Refining) है। इसमें अशुद्ध धातु को एनोड और शुद्ध धातु को कैथोड बनाया जाता है। तांबे (Copper) का शुद्धिकरण इसी विधि से होता है।
10. संक्षारण और मिश्रधातु (Corrosion and Alloys)
संक्षारण से बचाव
- यशदलेपन (Galvanization): लोहे की वस्तुओं पर जस्ते (Zinc) की परत चढ़ाना।
- पेंटिंग और ग्रीसिंग: सतह को हवा और नमी से दूर रखने के लिए।
- एनोडीकरण: एल्युमिनियम के लिए।
मिश्रधातु (Alloys)
धातु के गुणों को सुधारने के लिए दो या अधिक धातुओं का समांगी मिश्रण।
- पीतल (Brass): कॉपर + जिंक (Cu + Zn)
- कांसा (Bronze): कॉपर + टिन (Cu + Sn)
- सोल्डर (Solder): लेड + टिन (Pb + Sn) – तारों को जोड़ने के लिए।
- स्टेनलेस स्टील: लोहा + निकल + क्रोमियम (जंग नहीं लगता)।
- अमलगम: यदि किसी मिश्रधातु में एक धातु ‘पारा’ (Mercury) हो।
11. परीक्षा विशेष: Master Facts (Exam Booster) 🚀
- 🔹 भविष्य की धातु / रणनीतिक धातु: टाइटेनियम (Ti)।
- 🔹 सफेद सोना (White Gold): प्लेटिनम (Pt)।
- 🔹 आशा की धातु (Metal of Hope): यूरेनियम (Uranium)।
- 🔹 क्विक सिल्वर: पारा (Mercury)।
- 🔹 सबसे हल्की धातु: लिथियम (Li)।
- 🔹 सबसे भारी धातु: ओस्मियम (Os)।
- 🔹 विद्युत का सबसे अच्छा चालक: चांदी (Silver)।
- 🔹 रक्त में पाई जाने वाली धातु: आयरन (Fe)।
- 🔹 क्लोरोफिल में पाई जाने वाली धातु: मैग्नीशियम (Mg)।
12. अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: एल्युमिनियम अभिक्रियाशील है, फिर भी इसके बर्तन क्यों बनाए जाते हैं?
उत्तर: क्योंकि हवा के संपर्क में आने पर एल्युमिनियम अपनी सतह पर ऑक्साइड की एक मजबूत परत बना लेता है जो इसे आगे खराब होने (संक्षारण) से बचाती है। यह परत सुरक्षा कवच का काम करती है।
प्रश्न 2: तांबे के बर्तनों को नींबू से क्यों साफ करते हैं?
उत्तर: तांबे पर क्षारीय कॉपर कार्बोनेट की हरी परत जम जाती है। नींबू में मौजूद अम्ल (Acid) इस क्षारीय परत को उदासीन (Neutralize) करके घोल देता है, जिससे बर्तन चमकने लगते हैं।
प्रश्न 3: 24 कैरेट सोना आभूषण बनाने के लिए क्यों नहीं प्रयुक्त होता?
उत्तर: 24 कैरेट सोना बहुत नरम होता है और आसानी से मुड़ सकता है। इसे कठोर बनाने के लिए इसमें तांबा या चांदी मिलाकर 22 कैरेट सोना बनाया जाता है, जिससे टिकाऊ आभूषण बनते हैं।
प्रश्न 4: एक्वा रेजिया (Aqua Regia) क्या है?
उत्तर: यह सांद्र HCl और सांद्र HNO3 का 3:1 मिश्रण है। यह सोने और प्लेटिनम को गला सकता है।
प्रश्न 5: क्या होता है जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट में डालते हैं?
उत्तर: लोहा, कॉपर से अधिक ताकतवर है, इसलिए यह कॉपर को विस्थापित कर देता है। विलयन का रंग नीले से हल्का हरा (फेरस सल्फेट) हो जाता है और कील पर भूरी परत जम जाती है।
प्रश्न 6: थर्मिट अभिक्रिया का क्या उपयोग है?
उत्तर: इसमें आयरन ऑक्साइड की एल्युमिनियम के साथ अभिक्रिया से बहुत अधिक ऊष्मा और पिघला हुआ लोहा निकलता है। इसका उपयोग रेल की पटरियों और मशीनों की दरारों को जोड़ने (वेल्डिंग) में होता है।
प्रश्न 7: आयनिक यौगिकों का गलनांक उच्च क्यों होता है?
उत्तर: क्योंकि आयनिक यौगिकों में विपरीत आवेशों (धनायन और ऋणायन) के बीच बहुत मजबूत आकर्षण बल होता है, जिसे तोड़ने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा (ताप) की आवश्यकता होती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
दोस्तों, “धातु और अधातु” केवल एक अध्याय नहीं, बल्कि आधुनिक सभ्यता का आधार है। मोबाइल की चिप से लेकर हवाई जहाज की बॉडी तक, सब कुछ इसी विज्ञान पर टिका है।
इस गाइड में हमने मूल परिभाषाओं से लेकर जटिल धातुकर्म तक सब कुछ कवर किया है। यदि आप प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो “अपवादों” और “रासायनिक सूत्रों” का बार-बार रिवीजन करें।
विज्ञान रटने का नहीं, समझने का जादू है। सीखते रहें, प्रश्न पूछते रहें! 🌟
“धातु और अधातु (Metal & Non-Metal) – कक्षा 10 विज्ञान के सर्वश्रेष्ठ हस्तलिखित नोट्स”
Chapter: धातु और अधातु
(Class 10 – Chemistry | Detailed Notes)
1. तत्वों का वर्गीकरण (Classification)
हमारे ब्रह्मांड में प्रत्येक पदार्थ तत्वों से मिलकर बना है।
वर्तमान में कुल ज्ञात तत्व = 118
- प्राकृतिक तत्व: 94 (लगभग)
- कृत्रिम (मानव निर्मित): 24
गुणों के आधार पर इन्हें तीन भागों में बांटा गया है:
- धातु (Metals): लगभग 90+ तत्व धातु हैं। (बहुतायत में)।
- अधातु (Non-Metals): लगभग 22 तत्व।
- उपधातु (Metalloids): कुछ ही तत्व (जैसे सिलिकॉन, जर्मेनियम)।
Exam Fact: भूपर्पटी (Earth Crust) में सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली धातु ‘एल्युमिनियम’ (Al) है, और उसके बाद ‘लोहा’ (Fe) है।
2. धातु (Metals) – विस्तृत परिभाषा
भौतिक परिभाषा: वे तत्व जो कठोर, चमकीले, आघातवर्ध्य, तन्य, ध्वानिक तथा उष्मा और विद्युत के सुचालक होते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक परिभाषा (Concept):
वे तत्व जो रासायनिक अभिक्रिया के दौरान अपने परमाणुओं से इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन (Positive Ions) बनाने की प्रवृत्ति रखते हैं।
पहचान: इनके संयोजी कोश (Valence Shell) में 1, 2, या 3 इलेक्ट्रॉन होते हैं।
उदाहरण:
- सोडियम (Na, 11) : 2, 8, 1
- मैग्नीशियम (Mg, 12) : 2, 8, 2
- एल्युमिनियम (Al, 13) : 2, 8, 3
3. अधातु (Non-Metals) – परिभाषा
भौतिक परिभाषा: वे तत्व जो चमकहीन, भंगुर तथा विद्युत व उष्मा के कुचालक होते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक परिभाषा:
वे तत्व जो रासायनिक अभिक्रिया में इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन (Negative Ions) बनाने की प्रवृत्ति रखते हैं।
पहचान: इनके बाहरी कोश में 5, 6, या 7 इलेक्ट्रॉन होते हैं। (हीलियम और हाइड्रोजन अपवाद हैं)।
उदाहरण:
- नाइट्रोजन (N, 7) : 2, 5
- ऑक्सीजन (O, 8) : 2, 6
- क्लोरीन (Cl, 17) : 2, 8, 7
4. भौतिक गुणधर्म (Physical Properties)
(A) धात्विक चमक (Metallic Lustre)
धातु: अपने शुद्ध रूप में, धातुओं की सतह चमकदार होती है। इसे पॉलिश किया जा सकता है।
कारण: मुक्त इलेक्ट्रॉनों की उपस्थिति के कारण प्रकाश का परावर्तन होता है।उदाहरण: सोना (पीला), तांबा (लाल-भूरा), चांदी (सफेद)।
अधातु: ये सामान्यतः चमकहीन (Dull) होती हैं।
⚠️ महत्वपूर्ण अपवाद:
आयोडीन (Iodine): एक अधातु है लेकिन इसमें धात्विक चमक होती है।
ग्रेफाइट: यह भी थोड़ा चमकदार होता है।
(B) कठोरता (Hardness)
धातु: सामान्यतः धातुएं कठोर होती हैं। कठोरता अलग-अलग धातुओं में भिन्न होती है।
उदाहरण: लोहा, तांबा और एल्युमिनियम बहुत कठोर हैं।
⚠️ अपवाद (Metals):
क्षार धातुएं (Alkali Metals): लिथियम (Li), सोडियम (Na), पोटैशियम (K)।
ये इतनी मुलायम होती हैं कि इन्हें चाकू से आसानी से काटा जा सकता है। इनका घनत्व भी कम होता है।
अधातु: सामान्यतः नरम होती हैं (जैसे सल्फर, फास्फोरस)।
कठोरता का महा-अपवाद (अधातु)
सामान्य नियम कहता है कि अधातु नरम होती है, लेकिन…
हीरा कार्बन (Carbon) का एक अपरूप (Allotrope) है।
- यह प्रकृति में पाया जाने वाला सबसे कठोर पदार्थ है।
- यह धातुओं से भी अधिक कठोर है।
- इसका उपयोग कांच काटने और चट्टानों में छेद करने (Drilling) के लिए किया जाता है।
- इसका गलनांक और क्वथनांक बहुत उच्च होता है।
(C) अवस्था (State)
धातु: कमरे के तापमान पर ठोस (Solid) अवस्था में पाई जाती हैं।
⚠️ अपवाद (Metal):
पारा (Mercury – Hg)
यह एकमात्र धातु है जो कमरे के ताप पर द्रव (Liquid) है।
नोट: गैलियम (Ga) और सीजियम (Cs) का गलनांक इतना कम है (क्रमशः 30°C और 28°C) कि हथेली पर रखते ही पिघल जाते हैं।
अधातुओं की अवस्था
अधातुएं तीनों अवस्थाओं में मिल सकती हैं, लेकिन मुख्य रूप से ठोस या गैस।
- ठोस: कार्बन, सल्फर, फास्फोरस, आयोडीन।
- गैस: ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, क्लोरीन।
⚠️ अपवाद (Non-Metal):
ब्रोमीन (Bromine – Br)
यह एकमात्र अधातु है जो कमरे के ताप पर लाल-भूरे रंग का द्रव है।
(D) आघातवर्ध्यता (Malleability)
धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें हथौड़े से पीटकर बिना तोड़े पतली चादर (Sheet) में परिवर्तित किया जा सकता है।
- सबसे अधिक आघातवर्ध्य: सोना (Au) और चांदी (Ag)।
- एल्युमिनियम: इसकी फॉयल (Foil) का उपयोग खाद्य सामग्री पैक करने में होता है।
अधातु: आघातवर्ध्य नहीं होतीं। ये भंगुर (Brittle) होती हैं। हथौड़ा मारने पर ये चूर-चूर हो जाती हैं (जैसे कोयला)।
(E) तन्यता (Ductility)
धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें खींचकर पतले तार (Wire) में बदला जा सकता है।
- सबसे अधिक तन्य धातु: सोना (Gold)।
- तथ्य: 1 ग्राम सोने से लगभग 2 किलोमीटर लंबा तार खींचा जा सकता है।
- चांदी, तांबा और एल्युमिनियम भी अच्छे तन्य हैं।
अधातु: इनमें तन्यता नहीं होती। इन्हें खींचने पर ये टूट जाती हैं।
(F) ऊष्मीय चालकता (Thermal Conductivity)
धातुएं ऊष्मा की अच्छी सुचालक होती हैं और इनका गलनांक उच्च होता है।
इसी गुण के कारण धातुओं (जैसे कॉपर, एल्युमिनियम) का उपयोग खाना पकाने के बर्तन बनाने में किया जाता है।
| सर्वश्रेष्ठ चालक (Best) | खराब चालक (Poor) |
|---|---|
| चांदी (Silver) तांबा (Copper) |
लेड (Lead/सीसा) मर्करी (Mercury/पारा) |
नोट: चांदी सबसे अच्छी चालक है, लेकिन महंगी होने के कारण तारों में तांबे का प्रयोग होता है।
(G) विद्युत चालकता (Electrical Conductivity)
धातुएं विद्युत की सुचालक होती हैं।
कारण: धातुओं की क्रिस्टल संरचना में मुक्त इलेक्ट्रॉनों (Free Electrons) की उपस्थिति, जो आवेश को एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं।बिजली के तारों पर PVC (पॉलीविनाइल क्लोराइड) या रबर की परत चढ़ाई जाती है जो कुचालक होती है, ताकि करंट न लगे।
⚠️ अपवाद (Non-Metal):
ग्रेफाइट (Graphite): कार्बन का अपरूप है। अधातु होते हुए भी यह विद्युत का सुचालक है।
(H) ध्वानिक (Sonorous)
धातुएं कठोर सतह से टकराने पर एक गूंजने वाली ध्वनि (Ringing Sound) उत्पन्न करती हैं।
उदाहरण: स्कूल की घंटी, मंजीरा, मंदिर का घंटा।
अधातुएं ध्वानिक नहीं होतीं (लकड़ी पर मारने से ‘ठक-ठक’ की आवाज आती है, गूंजती नहीं)।
(I) घनत्व (Density)
धातुओं का घनत्व सामान्यतः उच्च होता है।
अपवाद: सोडियम (Na) और पोटैशियम (K) का घनत्व पानी से भी कम होता है, इसलिए ये पानी पर तैरते हैं।
(J) गलनांक (Melting Point)
धातुओं का गलनांक उच्च होता है।
- लोहा (Fe): 1535°C
- कॉपर (Cu): 1085°C
- टंगस्टन (W): इसका गलनांक सबसे उच्च (लगभग 3422°C) होता है। इसीलिए इसका उपयोग बल्ब के फिलामेंट में होता है।
अधातुओं का गलनांक:
सामान्यतः कम होता है।
अपवाद: हीरा (Diamond) और ग्रेफाइट का गलनांक बहुत उच्च होता है।
धातुओं के रासायनिक गुण
1. वायु (ऑक्सीजन) के साथ अभिक्रिया
लगभग सभी धातुएं ऑक्सीजन के साथ मिलकर संगत धातु ऑक्साइड बनाती हैं।
उदाहरण 1: कॉपर (Copper)
कॉपर को हवा में गर्म करने पर वह जलता नहीं है, लेकिन उस पर काले रंग की परत चढ़ जाती है।
2Cu + O2 → 2CuO (कॉपर ऑक्साइड – काला)
उदाहरण 2: एल्युमिनियम (Aluminium)
4Al + 3O2 → 2Al2O3 (एल्युमिनियम ऑक्साइड)
धातु ऑक्साइड की प्रकृति
सामान्यतः धातु ऑक्साइड क्षारीय (Basic) प्रकृति के होते हैं।
ये पानी में घुलकर क्षार (Base) बनाते हैं जो लाल लिटमस को नीला कर देते हैं।
K2O (s) + H2O (l) → 2KOH (aq)
लेकिन सभी धातु ऑक्साइड पानी में घुलनशील नहीं होते। (जैसे CuO पानी में नहीं घुलता)।
अधातु ऑक्साइड (जैसे SO2, CO2) अम्लीय प्रकृति के होते हैं।
★ उभयधर्मी ऑक्साइड (Amphoteric Oxides)
यह टॉपिक परीक्षा में बार-बार पूछा जाता है।
परिभाषा: वे धातु ऑक्साइड जो अम्लीय (Acidic) तथा क्षारीय (Basic) दोनों प्रकार के व्यवहार प्रदर्शित करते हैं। अर्थात, ये अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं।
उदाहरण:
- एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al2O3)
- जिंक ऑक्साइड (ZnO)
Al2O3 की रासायनिक अभिक्रियाएं
1. अम्ल के साथ (क्षारीय व्यवहार):
(यहाँ यह बेस की तरह काम कर रहा है)
2. क्षार के साथ (अम्लीय व्यवहार):
उत्पाद का नाम: सोडियम एल्युमिनेट (Sodium Aluminate)
जिंक ऑक्साइड भी इसी तरह सोडियम जिंकेट (Na2ZnO2) बनाता है।
एनोडीकरण (Anodizing)
एल्युमिनियम पर ऑक्साइड की एक मोटी और मजबूत परत बनाने की प्रक्रिया।
प्रक्रिया: साफ एल्युमिनियम की वस्तु को एनोड बनाकर तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ विद्युत अपघटन किया जाता है। एनोड पर निकलने वाली ऑक्सीजन गैस एल्युमिनियम के साथ क्रिया करके ऑक्साइड की परत को मोटा कर देती है।
लाभ:
- संक्षारण (Corrosion) से सुरक्षा।
- इसे आसानी से रंगा जा सकता है (Decorative Use)।
- यह परत हटने पर भी सतह सुरक्षित रहती है।
2. जल के साथ अभिक्रिया 💧
सभी धातुएं पानी के साथ एक जैसा व्यवहार नहीं करतीं। उनकी क्रियाशीलता अलग-अलग होती है।
(i) ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया
पोटैशियम (K) और सोडियम (Na):
ये ठंडे पानी के साथ भी तेजी से और हिंसक रूप से अभिक्रिया करते हैं।
2K + 2H2O → 2KOH + H2 + ऊष्मा
यह अभिक्रिया इतनी ऊष्माक्षेपी (Exothermic) होती है कि उत्पन्न हाइड्रोजन गैस तुरंत आग पकड़ लेती है।
कैल्शियम (Ca) की अभिक्रिया
कैल्शियम पानी के साथ अभिक्रिया तो करता है, लेकिन यह सोडियम जितनी हिंसक नहीं होती।
Ca + 2H2O → Ca(OH)2 + H2
इस अभिक्रिया में इतनी ऊष्मा नहीं निकलती कि आग लग सके।
Ca पानी पर क्यों तैरता है?
अभिक्रिया में बनी हाइड्रोजन गैस के बुलबुले धातु की सतह पर चिपक जाते हैं, जिससे धातु हल्की होकर तैरने लगती है।
(ii) गर्म पानी के साथ अभिक्रिया
मैग्नीशियम (Mg):
यह ठंडे पानी के साथ अभिक्रिया नहीं करता।
यह गर्म पानी (Hot Water) के साथ अभिक्रिया करके मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोजन गैस बनाता है।
Mg + 2H2O → Mg(OH)2 + H2
मैग्नीशियम भी हाइड्रोजन के बुलबुलों के चिपकने के कारण पानी की सतह पर तैरने लगता है।
(iii) भाप (Steam) के साथ अभिक्रिया
एल्युमिनियम (Al), आयरन (Fe) और जिंक (Zn):
ये धातुएं न तो ठंडे पानी से, न ही गर्म पानी से अभिक्रिया करती हैं। ये केवल भाप के साथ अभिक्रिया करती हैं।
भाप के साथ ये धातु ऑक्साइड बनाते हैं (हाइड्रॉक्साइड नहीं)।
(iv) जल के साथ कोई अभिक्रिया नहीं
लेड (Pb), कॉपर (Cu), सिल्वर (Ag) और गोल्ड (Au):
ये धातुएं पानी के किसी भी रूप (ठंडा, गर्म, भाप) के साथ अभिक्रिया नहीं करतीं।
क्योंकि स्टील (लोहा) भाप से क्रिया करके जंग खा सकता है, लेकिन कॉपर भाप से क्रिया नहीं करता।
3. अम्लों के साथ अभिक्रिया
उदाहरण: मैग्नीशियम और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल
Mg + 2HCl → MgCl2 + H2
Zn + H2SO4 → ZnSO4 + H2
अपवाद (Copper): कॉपर तनु HCl के साथ अभिक्रिया नहीं करता, क्योंकि यह हाइड्रोजन से कम अभिक्रियाशील है।
H2 की पहचान: साबुन के घोल से बुलबुले निकलेंगे जो जलती मोमबत्ती लाने पर ‘पॉप’ ध्वनि के साथ जलेंगे।
⚠️ नाइट्रिक अम्ल (HNO3) का अपवाद
यह बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न है।
सामान्यतः धातुएं अम्ल के साथ H2 गैस देती हैं, परंतु नाइट्रिक अम्ल के साथ नहीं।
कारण: HNO3 एक प्रबल ऑक्सीकारक (Strong Oxidizing Agent) है।
यह उत्पन्न होने वाली H2 गैस को तुरंत ऑक्सीकृत करके जल (H2O) बना देता है और स्वयं अपचयित होकर नाइट्रोजन के किसी ऑक्साइड (N2O, NO, NO2) में बदल जाता है।
अपवाद का भी अपवाद: मैग्नीशियम (Mg) और मैंगनीज (Mn) बहुत तनु HNO3 के साथ H2 गैस देते हैं।
★ अम्लराज (Aqua Regia)
इसे ‘रॉयल वॉटर’ (शाही पानी) भी कहते हैं।
3 : 1
गुण:
- यह एक भभकता हुआ (Fuming) द्रव है।
- यह अत्यधिक संक्षारक (Corrosive) है।
उपयोग: यह सोने (Gold) और प्लेटिनम जैसी अक्रियाशील धातुओं को भी गला सकता है। (जबकि अकेले HCl या HNO3 ऐसा नहीं कर सकते)।
4. अन्य धातु लवणों के साथ अभिक्रिया
(विस्थापन अभिक्रिया / Displacement Reaction)
सिद्धांत: अधिक अभिक्रियाशील धातु, कम अभिक्रियाशील धातु को उसके लवण विलयन से विस्थापित कर देती है।
(शर्त: A, B से अधिक ताकतवर हो)
यदि B, A से ज्यादा ताकतवर है, तो कोई अभिक्रिया नहीं होगी।
प्रयोग: लोहे की कील और कॉपर सल्फेट
एक लोहे की कील को नीले रंग के कॉपर सल्फेट (CuSO4) के विलयन में डुबोने पर:
प्रेक्षण (Observation):
- कॉपर सल्फेट का गहरा नीला रंग फीका पड़कर हल्का हरा (FeSO4) हो जाता है।
- लोहे की कील पर तांबे (Cu) की भूरी परत जम जाती है।
निष्कर्ष: आयरन (Fe), कॉपर (Cu) से अधिक क्रियाशील है।
5. सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series)
यह वह सूची है जिसमें धातुओं को उनकी क्रियाशीलता के अवरोही क्रम (Descending Order) में व्यवस्थित किया गया है।
सबसे अधिक क्रियाशील धातु सबसे ऊपर और सबसे कम क्रियाशील धातु सबसे नीचे होती है।
🔥 याद करने की ट्रिक:
“केदार नाथ का माली आलू जरा फीके पकाता है”
श्रेणी का विस्तार
| तत्व | संकेत | क्रियाशीलता |
|---|---|---|
| Potassium | K | सबसे अधिक |
| Sodium | Na | ⬇️ |
| Calcium | Ca | ⬇️ |
| Magnesium | Mg | ⬇️ |
| Aluminium | Al | ⬇️ |
| Zinc | Zn | ⬇️ |
| Iron | Fe | ⬇️ |
| Lead | Pb | ⬇️ |
| Hydrogen | [H] | संदर्भ |
| Copper | Cu | ⬇️ |
| Mercury | Hg | ⬇️ |
| Silver | Ag | ⬇️ |
| Gold | Au | सबसे कम |
अधातुओं के रासायनिक गुण
अधातुएं धातुओं की तरह व्यवहार नहीं करतीं।
1. ऑक्सीजन के साथ:
अधातुएं ऑक्सीजन के साथ क्रिया करके अम्लीय या उदासीन ऑक्साइड बनाती हैं।
- अम्लीय ऑक्साइड: C + O2 → CO2 (यह पानी में घुलकर कार्बोनिक अम्ल बनाता है)। S + O2 → SO2।
- उदासीन ऑक्साइड: CO (कार्बन मोनोऑक्साइड), H2O (पानी), N2O (नाइट्रस ऑक्साइड)।
2. अम्लों के साथ:
अधातुएं तनु अम्लों के साथ अभिक्रिया नहीं करतीं क्योंकि ये इलेक्ट्रॉन ग्राही होती हैं, दाता नहीं।
धातु और अधातु की अभिक्रिया
जब धातु और अधातु मिलते हैं, तो वे आयनिक यौगिक बनाते हैं।
आयनिक बंध (Ionic Bond):
परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉनों के पूर्ण स्थानांतरण (Transfer) से बना रासायनिक बंध।
- धातु परमाणु इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन (Cation) बनाता है। (ताकि अष्टक पूरा हो सके)।
- अधातु परमाणु इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन (Anion) बनाता है।
- विपरीत आवेशों के बीच स्थिर वैद्युत आकर्षण बल (Electrostatic Force) लगता है।
सोडियम क्लोराइड (NaCl) का निर्माण
सोडियम (Na, 11): 2, 8, 1 (अस्थिर)
→ Na+ (2, 8) + e– (स्थिर नियन जैसा)
क्लोरीन (Cl, 17): 2, 8, 7 (अस्थिर)
→ Cl + e– → Cl– (2, 8, 8) (स्थिर आर्गन जैसा)
Na का एक इलेक्ट्रॉन Cl के पास चला गया। दोनों खुश!
आयनिक यौगिकों के गुणधर्म
1. भौतिक प्रकृति
धन और ऋण आयनों के बीच मजबूत आकर्षण बल होने के कारण ये ठोस और कठोर होते हैं।
ये भंगुर (Brittle) होते हैं, अर्थात दबाव डालने पर ये टुकड़ों में टूट जाते हैं।
2. गलनांक और क्वथनांक
इनका गलनांक और क्वथनांक बहुत उच्च होता है।
कारण: मजबूत अंतर-आयनिक आकर्षण बल को तोड़ने के लिए अत्यधिक ऊर्जा (ऊष्मा) की आवश्यकता होती है।
उदाहरण: NaCl का गलनांक 1074 K है।
3. घुलनशीलता (Solubility)
आयनिक यौगिक ध्रुवीय विलायकों जैसे जल में घुलनशील होते हैं।
परंतु कार्बनिक विलायकों जैसे केरोसिन, पेट्रोल, बेंजीन में अघुलनशील होते हैं।
4. विद्युत चालकता
विद्युत चालन के लिए आवेशित कणों (आयनों) की गति आवश्यक है।
- ठोस अवस्था में: ये कुचालक होते हैं क्योंकि इनकी कठोर संरचना में आयन गति नहीं कर सकते।
- गलित अवस्था या जलीय विलयन में: ये सुचालक होते हैं क्योंकि उष्मा या पानी के कारण आयनों के बीच का बल कमजोर हो जाता है और आयन स्वतंत्र रूप से गति करते हैं।
धातुकर्म (Metallurgy)
अयस्क से शुद्ध धातु प्राप्त करने की क्रमबद्ध प्रक्रिया।
खनिज (Minerals): पृथ्वी की भूपर्पटी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले तत्व या यौगिक।
अयस्क (Ore): वे खनिज जिनमें धातु की मात्रा अधिक हो और जिनसे धातु निकालना लाभकारी/सस्ता हो।
गैंग (Gangue): अयस्क में उपस्थित अशुद्धियां जैसे मिट्टी, रेत, कंकड़।
“सभी अयस्क खनिज होते हैं, लेकिन सभी खनिज अयस्क नहीं होते।”
धातु निष्कर्षण के चरण
चरण 1: अयस्क का सांद्रण (Concentration/Enrichment)
गैंग को हटाने की प्रक्रिया। विधियां:
- गुरुत्वीय पृथक्करण (पानी से धोना)।
- फेन प्लवन (Froth Floatation) – सल्फाइड अयस्क के लिए।
- चुंबकीय पृथक्करण – लोहे के अयस्क के लिए।
चरण 2: धातु का निष्कर्षण (Extraction)
यह धातु की सक्रियता पर निर्भर करता है।
भर्जन और निस्तापन (Roasting vs Calcination)
मध्यम सक्रिय धातुओं (Zn, Fe, Pb) के लिए:
| भर्जन (Roasting) | निस्तापन (Calcination) |
|---|---|
| सल्फाइड अयस्कों के लिए। | कार्बोनेट अयस्कों के लिए। |
| वायु की उपस्थिति में गर्म करना। | सीमित वायु में गर्म करना। |
| SO2 गैस निकलती है। | CO2 गैस निकलती है। |
| 2ZnS + 3O2 → 2ZnO + 2SO2 | ZnCO3 → ZnO + CO2 |
इसके बाद कार्बन (C) द्वारा अपचयन (Reduction) करके धातु प्राप्त करते हैं। (ZnO + C → Zn + CO)
चरण 3: धातुओं का परिष्करण (Refining)
अपचयन से प्राप्त धातु अशुद्ध होती है। सबसे प्रचलित विधि: विद्युत अपघटनी परिष्करण।
(कॉपर के लिए: एनोड-अशुद्ध, कैथोड-शुद्ध, विलयन-CuSO4)
संक्षारण और बचाव
लोहे पर जंग लगना, चांदी का काला होना, तांबे का हरा होना।
बचाव: यशदलेपन (Galvanization – जिंक की परत), पेंटिंग, मिश्रधातु बनाना।
मिश्रधातु (Alloys)
मिश्रण से गुण सुधरते हैं।
- पीतल (Cu+Zn), कांसा (Cu+Sn), सोल्डर (Pb+Sn)।
- अमलगम: यदि एक धातु पारा (Hg) हो।
— अध्याय समाप्त —
बिहार बोर्ड स्पेशल: धातु और अधातु (100 MCQs)
विषय: रसायन विज्ञान (Chemistry) | कक्षा: 10वीं एवं प्रतियोगी परीक्षा
भाग 1: भौतिक गुण (Physical Properties) [1-10]
- A) सोडियम (Na)
- B) पारा (Hg)
- C) जिंक (Zn)
- D) एल्युमिनियम (Al)
उत्तर देखें
- A) कार्बन
- B) ब्रोमीन
- C) आयोडीन
- D) सल्फर
उत्तर देखें
- A) सोना (Gold)
- B) चांदी (Silver)
- C) एल्युमिनियम
- D) लोहा
उत्तर देखें
- A) मैग्नीशियम
- B) सोडियम
- C) कॉपर
- D) लेड
उत्तर देखें
- A) कार्बन
- B) सल्फर
- C) आयोडीन
- D) नाइट्रोजन
उत्तर देखें
- A) तांबा (Cu)
- B) चांदी (Ag)
- C) एल्युमिनियम (Al)
- D) लोहा (Fe)
उत्तर देखें
- A) हीरा
- B) ग्रेफाइट
- C) सल्फर
- D) फास्फोरस
उत्तर देखें
- A) लेड (Pb)
- B) कॉपर (Cu)
- C) आयरन (Fe)
- D) जिंक (Zn)
उत्तर देखें
- A) लोहा
- B) टंगस्टन
- C) हीरा
- D) टाइटेनियम
उत्तर देखें
- A) 1 किमी
- B) 2 किमी
- C) 5 किमी
- D) 100 मीटर
उत्तर देखें
भाग 2: रासायनिक गुण (Chemical Properties) [11-20]
- A) अम्लीय
- B) क्षारीय (Basic)
- C) उदासीन
- D) उभयधर्मी
उत्तर देखें
- A) अम्लीय
- B) क्षारीय
- C) लवणीय
- D) कोई नहीं
उत्तर देखें
- A) Na2O
- B) MgO
- C) Al2O3
- D) CaO
उत्तर देखें
- A) पानी
- B) पेट्रोल
- C) केरोसिन तेल
- D) अल्कोहल
उत्तर देखें
- A) मैग्नीशियम
- B) पोटैशियम
- C) आयरन
- D) कॉपर
उत्तर देखें
- A) सोडियम
- B) मैग्नीशियम
- C) एल्युमिनियम
- D) चांदी
उत्तर देखें
- A) सोना (Au)
- B) सोडियम (Na)
- C) लोहा (Fe)
- D) पोटैशियम (K)
उत्तर देखें
- A) ऑक्सीजन
- B) नाइट्रोजन
- C) हाइड्रोजन
- D) क्लोरीन
उत्तर देखें
- A) HCl + H2SO4
- B) HCl + HNO3 (3:1)
- C) HNO3 + H2SO4
- D) HCl + Acetic Acid
उत्तर देखें
- A) जिंक
- B) लोहा
- C) एल्युमिनियम
- D) उपरोक्त सभी
उत्तर देखें
भाग 3: सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series) [21-30]
- A) Na
- B) Ca
- C) K
- D) Mg
उत्तर देखें
- A) Ag
- B) Cu
- C) Au
- D) Pb
उत्तर देखें
- A) कॉपर को जिंक सल्फेट में डालें
- B) जिंक को कॉपर सल्फेट में डालें
- C) चांदी को कॉपर सल्फेट में डालें
- D) सोने को आयरन सल्फेट में डालें
उत्तर देखें
- A) संयोजन अभिक्रिया
- B) थर्मिट अभिक्रिया
- C) अपघटन अभिक्रिया
- D) अवक्षेपण
उत्तर देखें
- A) अम्लों से H2 गैस निकालती हैं
- B) अम्लों से H2 गैस नहीं निकालतीं
- C) बहुत क्रियाशील होती हैं
- D) पानी में आग पकड़ती हैं
उत्तर देखें
- A) सहसंयोजक बंध
- B) आयनिक बंध
- C) धात्विक बंध
- D) हाइड्रोजन बं ध
उत्तर देखें
- A) आयनिक
- B) सहसंयोजक
- C) उप-सहसंयोजक
- D) कोई नहीं
उत्तर देखें
- A) MgCl
- B) Mg2Cl
- C) MgCl2
- D) Mg2Cl2
उत्तर देखें
- A) इनका गलनांक कम होता है
- B) ये पानी में अघुलनशील होते हैं
- C) ये ठोस और कठोर होते हैं
- D) ये विद्युत के कुचालक होते हैं (घोल में)
उत्तर देखें
- A) केवल ठोस अवस्था में
- B) केवल गलित अवस्था में
- C) केवल जलीय विलयन में
- D) B और C दोनों
उत्तर देखें
भाग 4: धातुकर्म (Metallurgy) [31-40]
- A) अयस्क
- B) खनिज (Minerals)
- C) गैंग
- D) धातुमल
उत्तर देखें
- A) गैंग
- B) खनिज
- C) अयस्क (Ore)
- D) फ्लक्स
उत्तर देखें
- A) कॉपर
- B) जिंक
- C) पारा (Mercury)
- D) लेड
उत्तर देखें
- A) निस्तापन
- B) फेन प्लवन (Froth Floatation)
- C) चुंबकीय पृथक्करण
- D) हाथ से बीनना
उत्तर देखें
- A) निस्तापन
- B) भर्जन (Roasting)
- C) अपचयन
- D) परिष्करण
उत्तर देखें
- A) भर्जन
- B) निस्तापन (Calcination)
- C) ऑक्सीकरण
- D) विद्युत अपघटन
उत्तर देखें
- A) लोहा
- B) कॉपर
- C) एल्युमिनियम
- D) सोना
उत्तर देखें
- A) कैथोड
- B) एनोड
- C) इलेक्ट्रोलाइट
- D) एनोड पंक
उत्तर देखें
- A) फ्लक्स
- B) स्लैग
- C) गैंग (Gangue)
- D) खनिज
उत्तर देखें
- A) कार्बन द्वारा अपचयन
- B) विद्युत अपघटन (Electrolysis)
- C) निस्तापन
- D) भर्जन
उत्तर देखें
भाग 5: मिश्रधातु और संक्षारण (Alloys & Corrosion) [41-50]
- A) Cu + Sn
- B) Cu + Zn
- C) Pb + Sn
- D) Fe + Cr
उत्तर देखें
- A) Cu + Zn
- B) Cu + Sn
- C) Al + Mg
- D) Cu + Ni
उत्तर देखें
- A) लेड और टिन (Pb + Sn)
- B) कॉपर और जिंक
- C) आयरन और कार्बन
- D) एल्युमिनियम और मैग्नीशियम
उत्तर देखें
- A) लोहे की मिश्रधातु
- B) कॉपर की मिश्रधातु
- C) पारे (Mercury) की मिश्रधातु
- D) सोने की मिश्रधातु
उत्तर देखें
- A) निकल और क्रोमियम
- B) कॉपर और जिंक
- C) एल्युमिनियम और टिन
- D) केवल कार्बन
उत्तर देखें
- A) तांबा
- B) टिन
- C) जस्ता (Zinc)
- D) चांदी
उत्तर देखें
- A) केवल वायु
- B) केवल पानी
- C) वायु और नमी (पानी) दोनों
- D) केवल धूप
उत्तर देखें
- A) 20 कैरेट
- B) 22 कैरेट
- C) 24 कैरेट
- D) 18 कैरेट
उत्तर देखें
- A) कॉपर ऑक्साइड
- B) कॉपर सल्फेट
- C) क्षारीय कॉपर कार्बोनेट
- D) कॉपर नाइट्रेट
उत्तर देखें
- A) लोहा
- B) तांबा
- C) एल्युमिनियम
- D) जिंक
उत्तर देखें
भाग 6: अति-महत्वपूर्ण तथ्य (Superlatives) [51-60]
- A) सोडियम (Na)
- B) गैलियम (Ga)
- C) मैग्नीशियम (Mg)
- D) एल्युमिनियम (Al)
उत्तर देखें
- A) लिथियम (Li)
- B) ऑस्मियम (Os)
- C) एल्युमिनियम (Al)
- D) प्लेटिनम (Pt)
उत्तर देखें
- A) यूरेनियम
- B) टाइटेनियम
- C) प्लूटोनियम
- D) लोहा
उत्तर देखें
- A) मीथेन
- B) प्राकृतिक गैस
- C) हाइड्रोजन
- D) ऑक्सीजन
उत्तर देखें
- A) चांदी
- B) प्लेटिनम
- C) पारा
- D) एल्युमिनियम
उत्तर देखें
- A) तांबा
- B) एल्युमिनियम
- C) टंगस्टन
- D) लोहा
उत्तर देखें
- A) ऑक्सीजन
- B) नाइट्रोजन
- C) हाइड्रोजन
- D) क्लोरीन
उत्तर देखें
- A) सफेद फास्फोरस
- B) लाल फास्फोरस
- C) सल्फर
- D) पोटैशियम
उत्तर देखें
- A) सीसा (Lead)
- B) ग्रेफाइट
- C) चारकोल
- D) फॉस्फोरस
उत्तर देखें
- A) ब्रोमीन
- B) पारा (Mercury)
- C) पानी
- D) अल्कोहल
उत्तर देखें
भाग 7: महत्वपूर्ण यौगिक और जैव रसायन [61-75]
- A) FeO
- B) Fe2O3
- C) Fe3O4
- D) Fe2O3.xH2O
उत्तर देखें
- A) Al2O3.2H2O
- B) AlCl3
- C) Al2O3
- D) NaAlO2
उत्तर देखें
- A) सोडियम कार्बोनेट
- B) सोडियम बाइकार्बोनेट
- C) सोडियम क्लोराइड
- D) सोडियम हाइड्रोक्साइड
उत्तर देखें
- A) चांदी
- B) एल्युमिनियम
- C) पारा (Mercury)
- D) प्लेटिनम
उत्तर देखें
- A) HCl
- B) HNO3
- C) H2SO4
- D) NaCl
उत्तर देखें
- A) मैग्नीशियम
- B) लोहा (Iron)
- C) कैल्शियम
- D) कॉपर
उत्तर देखें
- A) लोहा
- B) मैग्नीशियम (Mg)
- C) जिंक
- D) मैंगनीज
उत्तर देखें
- A) कोबाल्ट
- B) जिंक
- C) आयरन
- D) कैल्शियम
उत्तर देखें
- A) आयरन
- B) कैल्शियम
- C) सोडियम
- D) पोटैशियम
उत्तर देखें
- A) 50%
- B) 20%
- C) 1%
- D) 0%
उत्तर देखें
भाग 8: विविध और एडवांस (Miscellaneous) [71-100]
- A) Cu + Sn
- B) Cu + Zn
- C) Cu + Sn + Zn
- D) Pb + Sn
उत्तर देखें
- A) पीवीसी
- B) टेफ्लॉन (Teflon)
- C) ग्रेफाइट
- D) पेंट
उत्तर देखें
- A) सोडियम
- B) स्ट्रोंटियम
- C) बेरियम
- D) कॉपर
उत्तर देखें
- A) सिल्वर ब्रोमाइड
- B) सिल्वर नाइट्रेट
- C) सिल्वर आयोडाइड
- D) सिल्वर क्लोराइड
उत्तर देखें
- A) सिल्वर नाइट्रेट
- B) सिल्वर आयोडाइड
- C) सोडियम आयोडाइड
- D) सूखी बर्फ
उत्तर देखें
- A) सिल्वर क्लोराइड
- B) सिल्वर ब्रोमाइड
- C) सिल्वर नाइट्रेट
- D) सिल्वर ऑक्साइड
उत्तर देखें
- A) लोहा
- B) तांबा
- C) एल्युमिनियम
- D) चांदी
उत्तर देखें
- A) ढलवां लोहा
- B) पिटवां लोहा (Wrought Iron)
- C) इस्पात
- D) कच्चा लोहा
उत्तर देखें
- A) यूरेनियम
- B) प्लूटोनियम
- C) थोरियम
- D) रेडियम
उत्तर देखें
- A) कॉपर और जिंक
- B) कैल्शियम और मैग्नीशियम
- C) लोहा और लेड
- D) चांदी और सोना
उत्तर देखें
- A) मैग्नीशियम
- B) लोहा (Iron)
- C) मैंगनीज
- D) कॉपर
उत्तर देखें
- A) लेड (सीसा)
- B) पारा
- C) टिन
- D) जिंक
उत्तर देखें
- A) सिलिका और एल्युमिनियम
- B) लोहा और निकल (NIFE)
- C) मैग्नीशियम और लोहा
- D) कॉपर और जिंक
उत्तर देखें
- A) कॉपर पाइराइट
- B) आयरन पाइराइट
- C) सिल्वर पाइराइट
- D) एल्युमिनियम पाइराइट
उत्तर देखें
- A) सोडियम
- B) पोटैशियम
- C) श्वेत फास्फोरस
- D) कैल्शियम
उत्तर देखें
- A) NO
- B) N2O
- C) NO2
- D) N2O5
उत्तर देखें
- A) ठोस पानी
- B) ठोस कार्बन डाइऑक्साइड
- C) ठोस नाइट्रोजन
- D) जमी हुई ऑक्सीजन
उत्तर देखें
- A) ऑस्मियम
- B) यूरेनियम
- C) पारा
- D) सोना
उत्तर देखें
- A) नाइट्रोजन
- B) हीलियम
- C) हाइड्रोजन
- D) कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर देखें
- A) सोडियम
- B) सोना (Au)
- C) पोटैशियम
- D) कैल्शियम
उत्तर देखें
- A) ऑक्सीजन
- B) क्लोरीन
- C) हाइड्रोजन
- D) नाइट्रोजन
उत्तर देखें
- A) कार्बन
- B) सिलिकॉन
- C) सल्फर
- D) कॉपर
उत्तर देखें
- A) ऑक्सीजन
- B) नाइट्रोजन
- C) हाइड्रोजन
- D) क्लोरीन
उत्तर देखें
- A) टाइटेनियम
- B) लोहे की कील
- C) शुद्ध एल्युमिनियम
- D) कोई नहीं
उत्तर देखें
- A) मैग्नीशियम
- B) कैल्शियम
- C) सोडियम
- D) पोटैशियम
उत्तर देखें
- A) एसिटिक अम्ल
- B) सिट्रिक अम्ल
- C) मेथनोइक (फार्मिक) अम्ल
- D) लैक्टिक अम्ल
उत्तर देखें
- A) ऑक्सीजन
- B) हाइड्रोजन
- C) आर्गन
- D) नाइट्रोजन
उत्तर देखें
- A) ब्रोमीन
- B) ऑक्सीजन
- C) फास्फोरस
- D) नाइट्रोजन
उत्तर देखें
- A) O2
- B) H2
- C) N2
- D) CO2
उत्तर देखें
- A) कैलामाइन
- B) जिंकाइट
- C) जिंक ब्लेंड
- D) बॉक्साइट
उत्तर देखें
— समाप्त —
NCERT प्रश्न-उत्तर: धातु और अधातु (अध्याय 3)
संपूर्ण हल (पाठगत प्रश्न + अभ्यास प्रश्न)
🔹 पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या 40)
प्रश्न 1. ऐसी धातु का उदाहरण दीजिए जो:
(i) कमरे के ताप पर द्रव होती है।
(ii) चाकू से आसानी से काटी जा सकती है।
(iii) ऊष्मा की सबसे अच्छी चालक होती है।
(iv) ऊष्मा की कुचालक होती है।
उत्तर:
- (i) पारा (Mercury – Hg) कमरे के ताप पर द्रव है।
- (ii) सोडियम (Na), पोटैशियम (K) और लिथियम (Li) चाकू से काटे जा सकते हैं।
- (iii) चांदी (Silver – Ag) और तांबा (Cu) ऊष्मा के सबसे अच्छे चालक हैं।
- (iv) लेड (Lead – Pb) और मर्करी (Hg) ऊष्मा के कुचालक हैं।
प्रश्न 2. आघातवर्ध्य तथा तन्य का अर्थ बताइए।
आघातवर्ध्य (Malleable): धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें हथौड़े से पीटकर पतली चादर (Sheet) में बदला जा सकता है। (जैसे: सोना और चांदी)।
तन्य (Ductile): धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें खींचकर पतले तार (Wire) में बदला जा सकता है। (सोना सबसे अधिक तन्य धातु है)।
🔹 पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या 46)
प्रश्न 1. सोडियम को केरोसिन में डुबोकर क्यों रखा जाता है?
उत्तर: सोडियम बहुत ही अभिक्रियाशील धातु है। यदि इसे खुला रखा जाए, तो यह हवा में मौजूद ऑक्सीजन और नमी के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करके आग पकड़ लेता है।
इस दुर्घटना को रोकने के लिए इसे केरोसिन तेल में डुबोकर रखा जाता है ताकि इसका संपर्क वायु और नमी से टूट जाए।
प्रश्न 2. इन अभिक्रियाओं के लिए समीकरण लिखिए:
(i) भाप के साथ आयरन।
(ii) जल के साथ कैल्शियम तथा पोटैशियम।
(i) भाप के साथ आयरन:
(ii) जल के साथ कैल्शियम तथा पोटैशियम:
प्रश्न 3. A, B, C एवं D चार धातुओं के नमूनों को लेकर एक-एक करके निम्न विलयनों में डाला गया… (सारणी आधारित प्रश्न)
(नोट: सारणी पुस्तक से देखें)
उत्तर:
- (i) सबसे अधिक अभिक्रियाशील धातु B है।
- (ii) धातु B को कॉपर (II) सल्फेट में डालने पर विस्थापन अभिक्रिया होगी और नीला रंग फीका पड़ जाएगा।
- (iii) घटते क्रम में अभिक्रियाशीलता: B > A > C > D
प्रश्न 4. अभिक्रियाशील धातु को तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल में डाला जाता है तो कौन सी गैस निकलती है? आयरन के साथ H2SO4 की अभिक्रिया लिखें।
उत्तर: जब अभिक्रियाशील धातु को तनु HCl में डालते हैं, तो हाइड्रोजन (H2) गैस निकलती है।
रासायनिक समीकरण:
प्रश्न 5. जिंक को आयरन (II) सल्फेट के विलयन में डालने पर क्या होता है?
उत्तर: जिंक (Zn), आयरन (Fe) से अधिक अभिक्रियाशील है। इसलिए यह आयरन सल्फेट के विलयन से आयरन को विस्थापित कर देगा।
विलयन का हरा रंग (FeSO4) धीरे-धीरे रंगहीन (ZnSO4) हो जाएगा और लोहे की भूरी परत जमा हो जाएगी।
🔹 पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या 53)
प्रश्न 1. (i) सोडियम, ऑक्सीजन एवं मैग्नीशियम के लिए इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना लिखिए।
(ii) इलेक्ट्रॉनों के स्थानांतरण के द्वारा Na2O एवं MgO का निर्माण दर्शाइए।
(i) इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना:
- सोडियम (Na): 2, 8, 1 → Na•
- ऑक्सीजन (O): 2, 6 → :O: (6 बिंदु)
- मैग्नीशियम (Mg): 2, 8, 2 → :Mg
(ii) Na2O का निर्माण:
दो Na परमाणु अपना एक-एक इलेक्ट्रॉन एक O परमाणु को देते हैं।
[Na]+ [Na]+ [:O:]2-
MgO का निर्माण:
Mg अपने दो इलेक्ट्रॉन O को दे देता है।
[Mg]2+ [:O:]2-
प्रश्न 2. आयनिक यौगिकों का गलनांक उच्च क्यों होता है?
उत्तर: आयनिक यौगिक धन और ऋण आयनों (Positive & Negative Ions) से बने होते हैं। इनके बीच एक बहुत ही मजबूत स्थिर-वैद्युत आकर्षण बल (Strong Electrostatic Force) कार्य करता है।
इस मजबूत बंधन को तोड़ने के लिए बहुत अधिक ऊर्जा (ऊष्मा) की आवश्यकता होती है, इसलिए इनका गलनांक और क्वथनांक उच्च होता है।
🔹 पाठगत प्रश्न (पृष्ठ संख्या 55)
प्रश्न 1. निम्न पदों की परिभाषा दीजिए: (i) खनिज (ii) अयस्क (iii) गैंग।
- (i) खनिज (Mineral): पृथ्वी की भूपर्पटी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले तत्वों या यौगिकों को खनिज कहते हैं।
- (ii) अयस्क (Ore): वे खनिज जिनसे धातु को निकालना लाभकारी और सुविधाजनक हो, अयस्क कहलाते हैं।
- (iii) गैंग (Gangue): पृथ्वी से निकाले गए अयस्कों में मिट्टी, रेत आदि जैसी कई अशुद्धियां होती हैं, जिन्हें गैंग कहते हैं।
प्रश्न 2. दो धातुओं के नाम बताइए जो प्रकृति में मुक्त अवस्था में पाई जाती हैं।
उत्तर: सोना (Gold – Au) और प्लेटिनम (Platinum – Pt)। (चांदी और तांबा भी कभी-कभी मुक्त अवस्था में मिलते हैं)।
प्रश्न 3. धातु को उसके ऑक्साइड से प्राप्त करने के लिए किस रासायनिक प्रक्रम का उपयोग किया जाता है?
उत्तर: अपचयन (Reduction)।
धातु ऑक्साइड को कार्बन (कोक) या अधिक अभिक्रियाशील धातुओं (जैसे एल्युमिनियम) के साथ गर्म करके अपचयित किया जाता है।
उदाहरण: ZnO + C → Zn + CO
📝 अभ्यास प्रश्न (Exercise Questions)
प्रश्न 1. निम्न में से कौन सा युगल विस्थापन अभिक्रिया प्रदर्शित करता है?
(a) NaCl विलयन एवं कॉपर धातु
(b) MgCl2 विलयन एवं एल्युमिनियम धातु
(c) FeSO4 विलयन एवं सिल्वर धातु
(d) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु
उत्तर: (d) AgNO3 विलयन एवं कॉपर धातु
कारण: कॉपर, सिल्वर से अधिक अभिक्रियाशील है, इसलिए वह उसे विस्थापित कर देगा।
प्रश्न 2. लोहे के फ्राइंग पैन (Frying pan) को जंग से बचाने के लिए निम्न में से कौन सी विधि उपयुक्त है?
उत्तर: (c) जिंक की परत चढ़ाकर।
व्याख्या: ग्रीस या पेंट लगाने से पैन गर्म करने पर वे जल जाएंगे। जिंक की परत (Galvanization) उच्च ताप पर भी सुरक्षित रहती है।
प्रश्न 3. कोई धातु ऑक्सीजन के साथ अभिक्रिया कर उच्च गलनांक वाला यौगिक निर्मित करती है। यह यौगिक जल में विलेय है। यह तत्व क्या हो सकता है?
उत्तर: (a) कैल्शियम (Ca)
कारण: कैल्शियम ऑक्सीजन से क्रिया करके कैल्शियम ऑक्साइड (CaO) बनाता है जिसका गलनांक उच्च है और यह पानी में घुलकर Ca(OH)2 बनाता है।
प्रश्न 4. खाद्य पदार्थों के डिब्बों पर जिंक की बजाय टिन का लेप होता है, क्योंकि:
उत्तर: (c) टिन की अपेक्षा जिंक अधिक अभिक्रियाशील है।
कारण: जिंक भोजन में मौजूद अम्लों के साथ क्रिया करके विषैले पदार्थ बना सकता है, जबकि टिन कम अभिक्रियाशील है।
प्रश्न 5. आपको एक हथौड़ा, बैटरी, बल्ब, तार एवं स्विच दिया गया है। (a) इनका उपयोग कर धातुओं और अधातुओं में भेद कैसे करेंगे? (b) इन परीक्षणों की उपयोगिता का आकलन कीजिए।
(a) विधि:
- हथौड़े से: वस्तु को हथौड़े से पीटें। यदि वह पतली चादर में बदल जाए (आघातवर्ध्य), तो वह धातु है। यदि टूट जाए (भंगुर), तो अधातु है।
- विद्युत परिपथ से: वस्तु को बैटरी, बल्ब और तार के बीच जोड़ें। यदि बल्ब जल जाए, तो वस्तु सुचालक है (धातु)। यदि नहीं जले, तो कुचालक है (अधातु)।
(b) उपयोगिता: विद्युत चालकता वाला परीक्षण अधिक विश्वसनीय है क्योंकि कुछ अधातुएं भी ठोस होती हैं लेकिन ग्रेफाइट को छोड़कर सभी कुचालक होती हैं।
प्रश्न 6. उभयधर्मी ऑक्साइड क्या होते हैं? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: वे धातु ऑक्साइड जो अम्लीय तथा क्षारीय दोनों प्रकार के व्यवहार प्रदर्शित करते हैं (अर्थात अम्ल और क्षार दोनों से क्रिया करते हैं), उभयधर्मी ऑक्साइड कहलाते हैं।
उदाहरण:
- एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al2O3)
- जिंक ऑक्साइड (ZnO)
प्रश्न 7. दो धातुओं के नाम बताइए जो तनु अम्ल से हाइड्रोजन को विस्थापित कर देंगी तथा दो धातुएं जो ऐसा नहीं कर सकतीं।
हाइड्रोजन विस्थापित करने वाली: मैग्नीशियम (Mg) और जिंक (Zn)। (ये हाइड्रोजन से अधिक अभिक्रियाशील हैं)।
नहीं करने वाली: कॉपर (Cu) और सिल्वर (Ag)। (ये हाइड्रोजन से कम अभिक्रियाशील हैं)।
प्रश्न 8. किसी धातु M के विद्युत अपघटनी परिष्करण में आप एनोड, कैथोड एवं विद्युत अपघट्य किसे बनाएंगे?
- एनोड (Anode): अशुद्ध धातु M की मोटी छड़।
- कैथोड (Cathode): शुद्ध धातु M की पतली पत्ती।
- विद्युत अपघट्य (Electrolyte): धातु M का कोई लवण विलयन (जैसे सल्फेट)।
प्रश्न 9. प्रत्यूष ने सल्फर चूर्ण को स्पैचुला में लेकर उसे गर्म किया और गैस को परखनली में इकट्ठा किया। (a) गैस की क्रिया सूखे/गीले लिटमस पर क्या होगी? (b) अभिक्रिया का समीकरण लिखिए।
उत्पन्न गैस: सल्फर डाइऑक्साइड (SO2)
(a) लिटमस पर प्रभाव:
- सूखे लिटमस पर: कोई प्रभाव नहीं होगा (क्योंकि अम्ल बनने के लिए पानी चाहिए)।
- गीले नीले लिटमस पर: यह लाल हो जाएगा (क्योंकि SO2 पानी के साथ सल्फ्यूरस अम्ल बनाता है)।
(b) समीकरण:
प्रश्न 10. लोहे को जंग से बचाने के लिए दो तरीके बताइए।
- यशदलेपन (Galvanization): लोहे पर जिंक की पतली परत चढ़ाना।
- पेंटिंग (Painting): सतह पर पेंट या ग्रीस लगाना ताकि वह हवा और नमी के संपर्क में न आए।
प्रश्न 11. ऑक्सीजन के साथ संयुक्त होकर अधातुएं कैसा ऑक्साइड बनाती हैं?
उत्तर: अधातुएं ऑक्सीजन के साथ मिलकर अम्लीय (Acidic) या उदासीन (Neutral) ऑक्साइड बनाती हैं।
- अम्लीय: SO2, CO2
- उदासीन: H2O, CO
प्रश्न 12. कारण बताइए:
(a) प्लैटिनम, सोना एवं चांदी का उपयोग आभूषण बनाने के लिए किया जाता है।
(b) सोडियम, पोटैशियम एवं लिथियम को तेल के अंदर संग्रहित किया जाता है।
(c) एल्युमिनियम अत्यंत अभिक्रियाशील धातु है, फिर भी इसका उपयोग खाना बनाने वाले बर्तन बनाने में किया जाता है।
(d) निष्कर्षण प्रक्रम में कार्बोनेट एवं सल्फाइड अयस्क को ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है।
(a) क्योंकि ये धातुएं बहुत कम अभिक्रियाशील हैं, इन पर जंग नहीं लगता और इनकी चमक लंबे समय तक बनी रहती है। साथ ही ये आघातवर्ध्य और तन्य हैं।
(b) क्योंकि ये धातुएं बहुत अधिक अभिक्रियाशील हैं और हवा/नमी के संपर्क में आते ही आग पकड़ लेती हैं।
(c) क्योंकि एल्युमिनियम हवा के संपर्क में आने पर अपनी सतह पर एल्युमिनियम ऑक्साइड की एक परत बना लेता है जो इसे आगे खराब होने से रोकती है। साथ ही यह ऊष्मा का अच्छा सुचालक है।
(d) क्योंकि धातु को उसके सल्फाइड या कार्बोनेट की तुलना में उसके ‘ऑक्साइड’ से अपचयित (Reduce) करना अधिक आसान होता है।
प्रश्न 13. आपने तांबे के मलीन बर्तनों को नींबू या इमली के रस से साफ करते देखा होगा। यह खट्टे पदार्थ बर्तन को साफ करने में क्यों प्रभावी हैं?
उत्तर: तांबे के बर्तनों पर कॉपर कार्बोनेट की क्षारीय हरी परत जम जाती है। नींबू या इमली में अम्ल (Acid) होता है।
अम्ल, क्षारीय परत के साथ अभिक्रिया करके उसे उदासीन कर देता है और घोलकर हटा देता है, जिससे बर्तन चमकने लगते हैं।
प्रश्न 14. रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर धातुओं एवं अधातुओं में विभेद कीजिए।
| गुण | धातु (Metals) | अधातु (Non-Metals) |
|---|---|---|
| ऑक्साइड की प्रकृति | क्षारीय (Basic) होते हैं। | अम्लीय (Acidic) या उदासीन होते हैं। |
| जल से क्रिया | जल से क्रिया करके H2 गैस देते हैं। | जल से क्रिया नहीं करते। |
| अम्ल से क्रिया | अम्ल से H2 विस्थापित करते हैं। | अम्लों से क्रिया नहीं करते। |
| आयन निर्माण | धनायन (Positive Ion) बनाते हैं। | ऋणायन (Negative Ion) बनाते हैं। |
प्रश्न 15. एक व्यक्ति प्रत्येक घर में सुनार बनकर जाता है… और कंगन हल्के हो जाते हैं। उस व्यक्ति ने किस विलयन का उपयोग किया?
उत्तर: उस व्यक्ति ने एक्वा रेजिया (Aqua Regia) का उपयोग किया।
यह सांद्र HCl और सांद्र HNO3 का 3:1 मिश्रण है। यह सोने को घोलने की क्षमता रखता है। जब कंगन इसमें डुबोए गए, तो सोने की ऊपरी परत घुल गई जिससे कंगन चमक गए लेकिन उनका वजन कम हो गया।
प्रश्न 16. गर्म जल का टैंक बनाने में तांबे का उपयोग होता है परंतु इस्पात (लोहे की मिश्रधातु) का नहीं। इसका कारण बताइए।
उत्तर: कॉपर (तांबा) न तो ठंडे पानी से, न गर्म पानी से और न ही भाप से अभिक्रिया करता है।
जबकि इस्पात (जिसमें लोहा होता है) गर्म भाप के साथ अभिक्रिया करके संक्षारित (जंग) हो सकता है। साथ ही कॉपर, इस्पात की तुलना में ऊष्मा का बेहतर सुचालक भी है।




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