
कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण (संपूर्ण नोट्स)
लेखक: विज्ञान विशेषज्ञ | श्रेणी: NCERT क्लास 10 नोट्स | पढ़ने का समय: 25 मिनट
प्रस्तावना: रसायन विज्ञान की नींव (Introduction)
हमारे दैनिक जीवन में हम असंख्य पदार्थों का उपयोग करते हैं—सुबह उठकर ब्रश करने से लेकर रात को सोने से पहले दूध पीने तक। भोजन का स्वाद खट्टा क्यों होता है? साबुन फिसलन भरा क्यों होता है? और लोहे पर जंग लगने पर उसे साफ करने के लिए हम किस चीज का इस्तेमाल करते हैं? इन सभी सवालों के जवाब अम्ल (Acids), क्षारक (Bases) और लवण (Salts) के रसायन विज्ञान में छिपे हैं।
NCERT कक्षा 10 विज्ञान का अध्याय 2 केवल एक पाठ नहीं है, बल्कि यह केमिस्ट्री (Chemistry) की नींव है। बोर्ड परीक्षाओं में इस अध्याय का वेटेज (Weightage) काफी अधिक है, और इससे वस्तुनिष्ठ (Objective), लघु उत्तरीय और प्रयोगात्मक (Practical based) प्रश्न पूछे जाते हैं। यह ब्लॉग आपको रटने से बचाकर समझने में मदद करेगा।
1. अम्ल और क्षारक को समझना (Understanding Acids & Bases)
प्राचीन काल में पदार्थों को उनके स्वाद के आधार पर पहचाना जाता था। लेकिन रसायन विज्ञान में हम हर चीज को चख नहीं सकते (यह खतरनाक हो सकता है!)। इसलिए हमने वैज्ञानिक परिभाषाएं विकसित की हैं।
(क) अम्ल (Acids)
शब्द ‘Acid’ लैटिन शब्द ‘Acidus’ से बना है, जिसका अर्थ है ‘खट्टा’।
- स्वाद: ये स्वाद में खट्टे होते हैं।
- लिटमस टेस्ट: ये नीले लिटमस को लाल (Blue to Red) कर देते हैं। (ट्रिक: अनिल – अम्ल नीले को लाल करता है)।
- जलीय विलयन: ये जल में घुलकर H⁺ (हाइड्रोजन) आयन देते हैं।
- उदाहरण:
- प्रबल अम्ल: हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl), सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄), नाइट्रिक अम्ल (HNO₃)।
- दुर्बल अम्ल: एसिटिक अम्ल (सिरका – CH₃COOH), सिट्रिक अम्ल (नींबू), ऑक्जेलिक अम्ल (टमाटर)।
(ख) क्षारक (Bases)
- स्वाद: ये स्वाद में कड़वे (Bitter) होते हैं।
- स्पर्श: छूने पर साबुन जैसे चिकने (Soapy) लगते हैं।
- लिटमस टेस्ट: ये लाल लिटमस को नीला (Red to Blue) कर देते हैं। (ट्रिक: छलनी – क्षारक लाल को नीला करता है)।
- जलीय विलयन: ये जल में घुलकर OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड) आयन देते हैं।
- उदाहरण:
- प्रबल क्षारक: सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH), पोटेशियम हाइड्रॉक्साइड (KOH)।
- दुर्बल क्षारक: अमोनियम हाइड्रॉक्साइड (NH₄OH), मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड (Mg(OH)₂)।
💡 क्या आप जानते हैं?
वे क्षारक जो जल में घुलनशील होते हैं, उन्हें क्षार (Alkalis) कहते हैं। उदाहरण के लिए, NaOH और KOH क्षार हैं। याद रखें: “सभी क्षार, क्षारक होते हैं, लेकिन सभी क्षारक, क्षार नहीं होते।” (क्योंकि कुछ क्षारक पानी में नहीं घुलते, जैसे कॉपर हाइड्रॉक्साइड)।
2. सूचक (Indicators): अम्ल और क्षारक की पहचान
सूचक वे “जासूस” हैं जो हमें बताते हैं कि दिया गया पदार्थ अम्लीय है या क्षारीय। ये तीन प्रकार के होते हैं।
1. प्राकृतिक सूचक (Natural Indicators)
ये प्रकृति (पौधों) से प्राप्त होते हैं।
| सूचक | मूल रंग | अम्ल में रंग | क्षारक में रंग |
|---|---|---|---|
| लिटमस (Litmus) | बैंगनी (Purple) | लाल | नीला |
| हल्दी (Turmeric) | पीला | पीला (कोई बदलाव नहीं) | लाल-भूरा (Reddish Brown) |
| लाल पत्ता गोभी | लाल | लाल | हरा |
उदाहरण: यदि आपके सफेद कपड़ों पर सब्जी (हल्दी) का दाग लग जाए और आप उस पर साबुन (क्षारक) रगड़ें, तो वह लाल-भूरा हो जाता है। पानी से धोने पर वह फिर से पीला हो जाता है।
2. संश्लेषित सूचक (Synthetic Indicators)
ये प्रयोगशाला में रसायनों द्वारा बनाए जाते हैं।
- फेनोल्फथेलिन (Phenolphthalein): अम्ल में रंगहीन (Colorless) और क्षारक में गुलाबी (Pink)।
- मिथाइल ऑरेंज (Methyl Orange): अम्ल में लाल और क्षारक में पीला।
3. गंधीय सूचक (Olfactory Indicators)
कुछ पदार्थ ऐसे होते हैं जिनकी “गंध” (Smell) अम्लीय या क्षारकीय माध्यम में बदल जाती है। यह दृष्टिबाधित छात्रों के लिए भी अम्ल-क्षार पहचान का एक साधन है।
- वैनिला (Vanilla) एसेंस: अम्ल में इसकी सुगंध बनी रहती है, लेकिन क्षारक में इसकी सुगंध गायब हो जाती है।
- प्याज (Onion): क्षारक (जैसे NaOH) के साथ मिलाने पर प्याज की तीखी गंध नष्ट हो जाती है। अम्ल में गंध वैसी ही रहती है।
- लौंग का तेल (Clove Oil): वैनिला की तरह ही व्यवहार करता है।
3. अम्ल एवं क्षारक के रासायनिक गुणधर्म (विस्तृत व्याख्या)
इस भाग से बोर्ड परीक्षा में समीकरण (Chemical Equations) पूछे जाते हैं। आइए हर अभिक्रिया को गहराई से समझें।
(क) धातु के साथ अभिक्रिया (Reaction with Metals)
नियम: अम्ल + धातु → लवण + हाइड्रोजन गैस
⚗️ NCERT क्रियाकलाप 2.3 का विश्लेषण
जब हम एक परखनली में दानेदार जिंक (Zinc granules) लेते हैं और उसमें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल (Dilute H₂SO₄) डालते हैं, तो हम देखते हैं कि जिंक के दानों के चारों ओर बुलबुले बन रहे हैं। ये बुलबुले हाइड्रोजन गैस के हैं।
जाँच कैसे करें? गैस के पास जलती हुई मोमबत्ती लाने पर यह ‘फट-फट’ (Pop Sound) की ध्वनि के साथ जलती है। यह हाइड्रोजन की पहचान है।
रासायनिक समीकरण:
H₂SO₄(aq) + Zn(s) → ZnSO₄(aq) + H₂(g)↑
नोट: क्षारक भी कुछ धातुओं के साथ हाइड्रोजन गैस देते हैं, लेकिन यह सभी धातुओं के साथ संभव नहीं है।
2NaOH(aq) + Zn(s) → Na₂ZnO₂(s) + H₂(g)
(उत्पाद: सोडियम जिंकेट)
(ख) धातु कार्बोनेट/हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ अभिक्रिया
नियम: अम्ल + धातु कार्बोनेट → लवण + जल + कार्बन डाइऑक्साइड
चाहे धातु कार्बोनेट (Na₂CO₃) हो या धातु हाइड्रोजन कार्बोनेट (NaHCO₃), अम्ल के साथ अभिक्रिया करने पर हमेशा CO₂ गैस निकलती है।
सोडियम कार्बोनेट के साथ:
Na₂CO₃(s) + 2HCl(aq) → 2NaCl(aq) + H₂O(l) + CO₂(g)
सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट के साथ:
NaHCO₃(s) + HCl(aq) → NaCl(aq) + H₂O(l) + CO₂(g)
🧪 CO₂ की जाँच (Lime Water Test):
उत्पन्न कार्बन डाइऑक्साइड गैस को जब चूने के पानी (Lime Water – Ca(OH)₂) में प्रवाहित किया जाता है, तो पानी दूधिया (Milky) हो जाता है। यह “कैल्शियम कार्बोनेट” (श्वेत अवक्षेप) बनने के कारण होता है。
Ca(OH)₂ + CO₂ → CaCO₃ (दूधिया) + H₂O
चेतावनी: यदि अधिक मात्रा में CO₂ प्रवाहित की जाए, तो दूधियापन गायब हो जाता है क्योंकि जल में घुलनशील “कैल्शियम हाइड्रोजन कार्बोनेट” बन जाता है।
(ग) उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutralization Reaction)
जब एसिड और बेस मिलते हैं, तो वे एक-दूसरे को ‘मार’ देते हैं (उदासीन कर देते हैं)।
अम्ल + क्षारक → लवण + जल
HCl + NaOH → NaCl + H₂O
इस अभिक्रिया का उपयोग हम तब करते हैं जब हमें एसिडिटी होती है और हम एंटैसिड (क्षारक) खाते हैं।
(घ) धात्विक ऑक्साइडों की अम्लों के साथ अभिक्रिया
कॉपर ऑक्साइड (CuO) काला होता है। यदि इसमें हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) डाला जाए, तो विलयन का रंग नीला-हरा (Blue-Green) हो जाता है। यह कॉपर क्लोराइड (CuCl₂) बनने के कारण होता है।
चूँकि धात्विक ऑक्साइड अम्ल के साथ मिलकर लवण और जल बना रहे हैं (उदासीनीकरण की तरह), इसलिए हम कहते हैं कि धात्विक ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति (Basic Nature) के होते हैं।
(ङ) अधात्विक ऑक्साइडों की क्षारक के साथ अभिक्रिया
अधात्विक ऑक्साइड (जैसे CO₂, SO₂) अम्लीय प्रकृति के होते हैं। उदाहरण के लिए, CO₂ (अधात्विक ऑक्साइड) चूने के पानी (क्षारक) के साथ क्रिया करके लवण और जल बनाता है।
4. जलीय विलयन में अम्ल और क्षारक
क्या सूखे (Dry) HCl में अम्ल के गुण होते हैं? नहीं। NCERT का एक प्रयोग दर्शाता है कि शुष्क लिटमस पत्र पर शुष्क HCl गैस का कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
H⁺ आयन की भूमिका
अम्ल केवल पानी की उपस्थिति में ही अपने आयन अलग करते हैं (Dissociate)।
HCl + H₂O → H₃O⁺ + Cl⁻
यहाँ H⁺ आयन स्वतंत्र नहीं रह सकता, इसलिए यह पानी के अणु के साथ जुड़कर हाइड्रोनियम आयन (H₃O⁺) बनाता है। यही आयन अम्लीय गुणों के लिए जिम्मेदार है।
तनुकरण (Dilution) क्या है?
अम्ल या क्षारक में जल मिलाने पर प्रति इकाई आयतन में आयनों (H₃O⁺ / OH⁻) की सांद्रता में कमी आ जाती है। इसे तनुकरण कहते हैं।
⚠️ सुरक्षा चेतावनी:
अम्ल को पतला करते समय, हमेशा अम्ल को धीरे-धीरे पानी में डालना चाहिए और लगातार हिलाते रहना चाहिए।
कभी भी पानी को सांद्र अम्ल में न डालें। ऐसा करने से अत्यधिक ऊष्मा उत्पन्न होगी, जिससे मिश्रण छलक कर बाहर आ सकता है और आप जल सकते हैं। काँच का बर्तन भी टूट सकता है।
5. pH स्केल: शक्ति का मापक
1909 में सोरेनसन ने pH स्केल बनाया।
p = Potenz (जर्मन शब्द, अर्थ: शक्ति)
H = हाइड्रोजन आयन सांद्रता
- pH = 7: उदासीन (Neutral) – जैसे शुद्ध जल।
- pH < 7: अम्लीय (Acidic) – 0 की ओर बढ़ने पर अम्लीयता बढ़ती है।
- pH > 7: क्षारकीय (Basic/Alkaline) – 14 की ओर बढ़ने पर क्षारीयता बढ़ती है।
दैनिक जीवन में pH का महत्व (Most Important for Exams)
1. पौधे और पशु (Plants & Animals)
हमारा शरीर 7.0 से 7.8 pH परास (Range) में सबसे अच्छा काम करता है। यदि बारिश के पानी का pH 5.6 से कम हो जाए, तो उसे अम्लीय वर्षा (Acid Rain) कहते हैं। यह पानी नदियों में जाकर जलीय जीवों का जीवन कठिन बना देता है।
2. पाचन तंत्र (Digestive System)
हमारा पेट (Stomach) भोजन पचाने के लिए हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) बनाता है। जब हम ज्यादा खा लेते हैं, तो पेट में अधिक अम्ल बनता है जिससे जलन होती है। इसे ठीक करने के लिए हम एंटैसिड (Antacid) जैसे क्षारकों (उदा. मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड) का उपयोग करते हैं जो अतिरिक्त अम्ल को उदासीन कर देता है।
3. दंत क्षय (Tooth Decay)
मुँह का pH 5.5 से कम होने पर दाँत सड़ने लगते हैं। हमारे दाँतों का इनेमल (Enamel – कैल्शियम फॉस्फेट) शरीर का सबसे कठोर पदार्थ है, लेकिन एसिड इसे भी गला देता है। हम क्षारीय दंतमंजन (Toothpaste) का उपयोग करके इसे रोकते हैं।
4. पशुओं और पौधों द्वारा आत्मरक्षा
- मधुमक्खी/चींटी का डंक: इनके डंक में मेथेनोइक अम्ल होता है, जिससे दर्द और जलन होती है। बेकिंग सोडा (क्षारक) लगाने से राहत मिलती है।
- नेटल (Nettle) का पौधा: इसके पत्तों के बालों में भी मेथेनोइक अम्ल होता है। जंगल में इसके पास ही डॉक (Dock) का पौधा उगता है, जिसकी पत्ती क्षारीय होती है और उसे रगड़ने से आराम मिलता है। (प्रकृति का अपना इलाज!)
6. लवण परिवार और रसायनों का निर्माण (Salts & Chemicals)
लवण (Salts) उदासीन, अम्लीय या क्षारीय हो सकते हैं:
- प्रबल अम्ल + प्रबल क्षारक = उदासीन लवण (pH = 7) → उदा. NaCl
- प्रबल अम्ल + दुर्बल क्षारक = अम्लीय लवण (pH < 7) → उदा. NH₄Cl
- दुर्बल अम्ल + प्रबल क्षारक = क्षारकीय लवण (pH > 7) → उदा. Na₂CO₃
(1) साधारण नमक (Common Salt – NaCl)
यह भोजन का स्वाद तो बढ़ाता ही है, साथ ही यह कई रसायनों के निर्माण के लिए कच्चा माल (Raw Material) भी है।
(2) सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH) – क्लोर-क्षार प्रक्रिया
जब नमक के पानी (Brine) में बिजली गुजारी जाती है, तो यह टूटकर NaOH बनाता है।
2NaCl(aq) + 2H₂O(l) → 2NaOH(aq) + Cl₂(g) + H₂(g)
इसे क्लोर-क्षार प्रक्रिया (Chlor-Alkali Process) कहते हैं क्योंकि इसमें ‘क्लोर’ (क्लोरीन) और ‘क्षार’ (NaOH) बनते हैं।
उत्पादों के उपयोग:
- हाइड्रोजन (H₂): ईंधन, खाद के लिए अमोनिया।
- क्लोरीन (Cl₂): जल की स्वच्छता, PVC, CFC, कीटनाशक।
- NaOH (कास्टिक सोडा): साबुन/अपमार्जक, कागज बनाना, कृत्रिम फाइबर।
(3) विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder) – CaOCl₂
निर्माण: शुष्क बुझे हुए चूने [Ca(OH)₂] पर क्लोरीन गैस की क्रिया से।
Ca(OH)₂ + Cl₂ → CaOCl₂ + H₂O
उपयोग:
- वस्त्र उद्योग में सूती और लिनन के विरंजन (Bleaching) के लिए।
- कागज की फैक्ट्री में लकड़ी की मज्जा (Wood pulp) के विरंजन के लिए।
- पीने के पानी को रोगाणुमुक्त (Disinfectant) करने के लिए।
- कई रासायनिक उद्योगों में उपचायक (Oxidizing agent) के रूप में।
(4) बेकिंग सोडा (Baking Soda) – NaHCO₃
रासायनिक नाम: सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट。
प्रकृति: यह एक दुर्बल असंक्षारक क्षारक है।
NaCl + H₂O + CO₂ + NH₃ → NH₄Cl + NaHCO₃
खाना पकाने में उपयोग: जब इसे गर्म किया जाता है, तो CO₂ गैस निकलती है। यही गैस केक या ब्रेड को फूलाकर स्पंजी (Spongy) बनाती है।
2NaHCO₃ (ऊष्मा) → Na₂CO₃ + H₂O + CO₂
बेकिंग पाउडर क्या है?
बेकिंग सोडा + टार्टरिक अम्ल (Tartaric Acid) का मिश्रण। अम्ल कड़वेपन को रोकता है।
(5) धोने का सोडा (Washing Soda) – Na₂CO₃·10H₂O
बेकिंग सोडा को गर्म करने पर सोडियम कार्बोनेट मिलता है। जब इसमें पानी के 10 अणु जुड़ जाते हैं (क्रिस्टलीकरण), तो धोने का सोडा बनता है।
Na₂CO₃ + 10H₂O → Na₂CO₃·10H₂O
उपयोग:
- काँच, साबुन एवं कागज उद्योगों में।
- ‘बोरेक्स’ जैसे सोडियम यौगिक के उत्पादन में।
- घरों में साफ-सफाई के लिए।
- जल की स्थायी कठोरता (Permanent Hardness) हटाने के लिए।
(6) प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) – CaSO₄·½H₂O
निर्माण: जिप्सम (Gypsum – CaSO₄·2H₂O) को 373K (100°C) पर सावधानी से गर्म करने पर यह डेढ़ अणु जल का त्याग कर देता है।
CaSO₄·2H₂O → CaSO₄·½H₂O + 1½H₂O
महत्वपूर्ण: इसे हमेशा आर्द्र-रोधी (Moisture-proof) बर्तन में रखना चाहिए, क्योंकि नमी मिलते ही यह वापस जिप्सम बनकर ठोस पत्थर जैसा हो जाता है।
उपयोग: टूटी हड्डियों को जोड़ने (प्लास्टर), मूर्तियां और खिलौने बनाने, दीवारों को चिकना करने में।
7. क्या लवण के क्रिस्टल वास्तव में शुष्क हैं?
हमे लगता है कि नमक सूखा है, लेकिन कई लवणों में ‘छिपा हुआ’ पानी होता है।
⚗️ कॉपर सल्फेट का प्रयोग
कॉपर सल्फेट (CuSO₄·5H₂O) के क्रिस्टल नीले होते हैं क्योंकि उनमें जल के 5 अणु होते हैं।
जब हम इसे परखनली में गर्म करते हैं, तो पानी उड़ जाता है और यह श्वेत (White) हो जाता है। यदि हम इस श्वेत पाउडर पर वापस पानी की कुछ बूंदें डालें, तो यह फिर से नीला हो जाता है।
इस जल को क्रिस्टलन का जल (Water of Crystallization) कहते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) और बोर्ड परीक्षा टिप्स
Q1. बोर्ड परीक्षा में अम्ल और क्षारक में अंतर कैसे लिखें?
हमेशा एक टेबल (सारणी) बनाएं। कम से कम 3 बिंदु लिखें: (1) स्वाद/परिभाषा, (2) लिटमस पर प्रभाव, (3) उदाहरण। इससे परीक्षक को जाँचने में आसानी होती है और पूरे नंबर मिलते हैं।
Q2. pH स्केल पर उदासीन मान 7 ही क्यों है?
शुद्ध जल में H⁺ और OH⁻ आयनों की सांद्रता बराबर होती है (10⁻⁷ M)। इसलिए इसका लघुगणक (log) लेने पर मान 7 आता है।
Q3. दूधवाला ताजे दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा क्यों मिलाता है?
ताजे दूध का pH 6 होता है। बेकिंग सोडा (क्षारीय) मिलाने से दूध का pH थोड़ा बढ़ जाता है (क्षारीय हो जाता है), जिससे दूध जल्दी फटता नहीं है और लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। लेकिन इसे दही बनने में अधिक समय लगता है।
Q4. ‘सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट’ का सामान्य नाम क्या है?
इसका सामान्य नाम ‘बेकिंग सोडा’ है। याद रखें, ‘बेकिंग पाउडर’ अलग है (बेकिंग सोडा + टार्टरिक अम्ल)।
Q5. वर्षा जल विद्युत का चालन करता है, लेकिन आसुत जल नहीं, क्यों?
आसुत जल (Distilled Water) में आयन नहीं होते, इसलिए करंट नहीं बहता। वर्षा जल वातावरण से CO₂ और SO₂ जैसी गैसों को घोल लेता है, जिससे कार्बोनिक अम्ल आदि बनते हैं। ये अम्ल आयन (H⁺) उत्पन्न करते हैं, जो विद्युत चालन करते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion)
कक्षा 10 का यह अध्याय न केवल परीक्षा के लिए, बल्कि हमारे आसपास की दुनिया को समझने के लिए भी महत्वपूर्ण है। “अम्ल, क्षारक एवं लवण” के इस विस्तृत अध्ययन के बाद, आपको रटने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मुख्य अभिक्रियाओं (Reactions) को लिखकर अभ्यास करें और pH के अनुप्रयोगों को दैनिक जीवन से जोड़कर याद रखें।
शुभकामनाएं आपकी बोर्ड परीक्षाओं के लिए! 🎓
विज्ञान (Science)
अध्याय 2
अम्ल, क्षारक एवं लवण
Name: Topper Student | Class: 10th Board
हर छोटी से छोटी Reaction और Concept को समझेंगे।
1. अम्ल (Acids) 🍋
परिभाषा: वे पदार्थ जो जलीय विलयन में टूटकर हाइड्रोजन आयन (H⁺) देते हैं।
भौतिक गुण:
- स्वाद: खट्टा (Sour)
- लिटमस: नीला ➜ लाल (ट्रिक: अनिल)
- संक्षारक (Corrosive): त्वचा/कपड़ों को जला देते हैं।
रासायनिक वर्गीकरण:
(A) सांद्रता के आधार पर:
- सांद्र अम्ल (Concentrated): जिसमें अम्ल अधिक और पानी कम हो।
- तनु अम्ल (Dilute): जिसमें पानी अधिक और अम्ल कम हो।
(B) प्रबलता के आधार पर:
- प्रबल अम्ल (Strong Acid): 100% आयनीकरण। (Ex: HCl, H₂SO₄, HNO₃)
- दुर्बल अम्ल (Weak Acid): आंशिक आयनीकरण। (Ex: CH₃COOH, ऑक्जेलिक, लैक्टिक अम्ल)
2. क्षारक (Bases) 🧼
वे पदार्थ जो जलीय विलयन में हाइड्रॉक्साइड आयन (OH⁻) देते हैं।
गुण:
- स्वाद: कड़वा (Bitter)
- स्पर्श: साबुन जैसा चिकना
- लिटमस: लाल ➜ नीला (ट्रिक: छलनी)
- क्षारक (Base): सभी रासायनिक क्षारक (Ex: Cu(OH)₂, NaOH)।
- क्षार (Alkali): केवल वे क्षारक जो पानी में घुलनशील हैं (Ex: NaOH, KOH)।
प्रबलता:
- प्रबल क्षार: NaOH, KOH
- दुर्बल क्षार: NH₄OH (अमोनियम हाइड्रॉक्साइड)
3. सूचक (Indicators) 🚦
अम्ल-क्षार की पहचान कराने वाले पदार्थ।
(A) प्राकृतिक सूचक:
| सूचक | अम्ल में रंग | क्षारक में रंग |
|---|---|---|
| लिटमस | लाल 🔴 | नीला 🔵 |
| हल्दी | पीला (NO Change) | लाल-भूरा 🟤 |
| लाल पत्ता गोभी | लाल | हरा 🟢 |
(B) गंधीय सूचक (Olfactory Indicators):
जिनकी गंध (Smell) माध्यम बदलने पर बदल जाती है। (दृष्टिबाधित छात्रों के लिए उपयोगी)
- वैनिला/प्याज/लौंग का तेल:
- अम्ल में ➜ गंध बनी रहती है। (No change)
- क्षारक में ➜ गंध समाप्त हो जाती है।
4. रासायनिक गुणधर्म (Chemical Properties)
(i) धातु के साथ अभिक्रिया (M. Imp)
प्रयोग: दानेदार जिंक पर तनु H₂SO₄ डालने पर बुलबुले उठते हैं।
समीकरण: Zn(s) + H₂SO₄(aq) ➜ ZnSO₄(aq) + H₂(g)
जलती मोमबत्ती गैस के पास लाने पर ‘फट-फट’ की ध्वनि आती है। यह H₂ की पहचान है।
HNO₃ (नाइट्रिक अम्ल) धातुओं के साथ H₂ गैस नहीं देता (Mg और Mn को छोड़कर) क्योंकि यह प्रबल ऑक्सीकारक है। यह H₂ को पानी (H₂O) बना देता है।
क्षारक के साथ धातु: (केवल कुछ धातु जैसे Zn, Al)
2NaOH + Zn ➜ Na₂ZnO₂ (सोडियम जिंकेट) + H₂
05(ii) धातु कार्बोनेट/बाइकार्बोनेट के साथ
ये अभिक्रिया करके CO₂ गैस देते हैं।
Ex 1: Na₂CO₃ + 2HCl ➜ 2NaCl + H₂O + CO₂
Ex 2: NaHCO₃ + HCl ➜ NaCl + H₂O + CO₂
CO₂ की जाँच (Limewater Test):
Ca(OH)₂ + CO₂ ➜ CaCO₃ (दूधिया/Milky) + H₂O
(अधिक CO₂ प्रवाहित करने पर दूधियापन गायब हो जाता है क्योंकि Ca(HCO₃)₂ बनता है जो घुलनशील है।)
(iii) उदासीनीकरण (Neutralization)
Ex: HCl + NaOH ➜ NaCl + H₂O
उपयोग: अपच में, डंक मारने पर।
06(iv) ऑक्साइडों की प्रकृति
1. धात्विक ऑक्साइड (Metallic Oxides):
प्रकृति: क्षारीय (Basic)।
कारण: ये अम्ल से क्रिया कर लवण+जल बनाते हैं।
Ex: CuO (काला) + 2HCl ➜ CuCl₂ (नीला-हरा) + H₂O
2. अधात्विक ऑक्साइड (Non-metallic Oxides):
प्रकृति: अम्लीय (Acidic)।
Ex: CO₂ + Ca(OH)₂ ➜ CaCO₃ + H₂O
5. जलीय विलयन की भूमिका
- अम्ल केवल पानी में H⁺ आयन देते हैं।
- H⁺ स्वतंत्र नहीं रहता, यह H₃O⁺ (हाइड्रोनियम) बनाता है।
- शुष्क HCl लिटमस का रंग नहीं बदलता।
6. pH स्केल (pH Scale)
हाइड्रोजन आयन सांद्रता का ऋणात्मक लघुगणक। (0-14)
- 0 (Acidic)
- 7 (Neutral)
- 14 (Alkaline)
दैनिक जीवन में महत्व:
- संवेदनशील जीवन: शरीर 7.0-7.8 pH पर कार्य करता है।
- अम्लीय वर्षा: pH < 5.6 (ताजमहल का क्षरण, जलीय जीवन को खतरा)।
- मिट्टी (Soil): अच्छी फसल के लिए pH उदासीन होना चाहिए। अम्लीय मिट्टी में चूना (CaO) मिलाते हैं।
- पाचन: उदर में HCl। अधिकता होने पर Mg(OH)₂ (Milk of Magnesia) लेते हैं।
- दंत क्षय: मुँह का pH 5.5 से कम होने पर दाँत खराब।
7. लवण (Salts) 🧂
साधारण नमक (NaCl) कई रसायनों का कच्चा माल है।
(1) सोडियम हाइड्रॉक्साइड (NaOH)
क्लोर-क्षार प्रक्रिया (Chlor-Alkali Process):
नमक के पानी (Brine) में बिजली गुजारने पर।
| उत्पाद | कहाँ बना? | उपयोग |
|---|---|---|
| Cl₂ (क्लोरीन) | एनोड (+) | जल स्वच्छता, PVC, CFC |
| H₂ (हाइड्रोजन) | कैथोड (-) | ईंधन, अमोनिया (खाद) |
| NaOH | कैथोड के पास | साबुन, कागज, कृत्रिम फाइबर |
(2) विरंजक चूर्ण (Bleaching Powder)
सूत्र: CaOCl₂ (कैल्शियम ऑक्सीक्लोराइड)
निर्माण: शुष्क बुझे चूने पर क्लोरीन की क्रिया।
उपयोग: विरंजन (Bleaching) के लिए, पीने के पानी को रोगाणुमुक्त करने (Disinfectant) के लिए, ऑक्सीकारक के रूप में।
(3) बेकिंग सोडा (Baking Soda)
सूत्र: NaHCO₃ (सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट)
प्रकृति: दुर्बल क्षारक (Mild Base)।
उपयोग:
- खस्ता पकौड़े बनाने में।
- एंटैसिड (Antacid) के रूप में।
- सोडा-अम्ल अग्निशामक (Fire Extinguisher) में।
नोट: बेकिंग पाउडर = बेकिंग सोडा + टार्टरिक अम्ल।
10(4) धोने का सोडा (Washing Soda)
सूत्र: Na₂CO₃ · 10H₂O
उपयोग: काँच/साबुन उद्योग, घरों की सफाई, जल की स्थायी कठोरता (Permanent Hardness) हटाना।
(5) क्या लवण वास्तव में सूखे हैं?
क्रिस्टलन का जल (Water of Crystallization):
लवण के एक सूत्र इकाई में पानी के निश्चित अणुओं की संख्या।
- कॉपर सल्फेट: CuSO₄·5H₂O (नीला)
- जिप्सम: CaSO₄·2H₂O (सफेद)
(6) प्लास्टर ऑफ पेरिस (P.O.P)
सूत्र: CaSO₄ · ½H₂O
उपयोग: प्लास्टर, खिलौने, सजावट।
जमने की अभिक्रिया (Setting of POP):
पानी मिलाते ही यह जिप्सम बनकर कठोर हो जाता है।
THE END
11100 MCQs टेस्ट 🎯
अध्याय: अम्ल, क्षारक एवं लवण | Marks: 100



