
प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis): जीवन का आधार – एक सम्पूर्ण NCERT गाइड
लेखक: जीवविज्ञान विशेषज्ञ | श्रेणी: विज्ञान (कक्षा 6-10)
परिचय: क्या आपने कभी सोचा है कि पृथ्वी पर जीवन कैसे संभव है? इसका सबसे बड़ा श्रेय एक जादुई प्रक्रिया को जाता है जिसे हम ‘प्रकाश संश्लेषण’ या Photosynthesis कहते हैं। आज हम इस प्रक्रिया के हर पहलू को बहुत ही सरल और वैज्ञानिक तरीके से समझेंगे। यह ब्लॉग कक्षा 6 से 10 तक के विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एक संपूर्ण ‘नोट्स’ है।
1. प्रकाश संश्लेषण की परिभाषा (Definition of Photosynthesis)
प्रकाश संश्लेषण वह जैव-रासायनिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे, शैवाल (Algae) और कुछ जीवाणु सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और जल (H2O) का उपयोग करके अपना भोजन (ग्लूकोज) बनाते हैं और उप-उत्पाद के रूप में ऑक्सीजन (O2) मुक्त करते हैं।
“सरल शब्दों में: यह सौर ऊर्जा (Solar Energy) को रासायनिक ऊर्जा (Chemical Energy) में बदलने की प्रक्रिया है।”
2. प्रकाश संश्लेषण का महत्व
- पौधों के लिए: यह पौधों के लिए भोजन बनाने का एकमात्र स्रोत है। इससे उन्हें वृद्धि और विकास के लिए ऊर्जा मिलती है।
- मानव एवं अन्य जीवों के लिए: सभी जीव भोजन के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पौधों पर निर्भर हैं। खाद्य श्रृंखला (Food Chain) की शुरुआत यहीं से होती है।
- पर्यावरण के लिए: यह पर्यावरण का प्राकृतिक ‘एयर प्यूरीफायर’ है। यह वायुमंडल से CO2 को सोखता है और जीवनदायिनी O2 छोड़ता है।
3. प्रकाश संश्लेषण की रासायनिक अभिक्रिया (Chemical Equation)
बोर्ड परीक्षा में यह समीकरण लिखना सबसे महत्वपूर्ण है:
समीकरण की व्याख्या:
- 6CO2: कार्बन डाइऑक्साइड (वायुमंडल से रंध्रों द्वारा)।
- 12H2O: जल (जड़ों द्वारा मिट्टी से)।
- C6H12O6: ग्लूकोज (पौधों का भोजन)।
- 6O2: ऑक्सीजन (जो हम साँस लेते हैं)।
4. आवश्यक कारक (Essential Factors)
- सूर्य का प्रकाश (Sunlight): ऊर्जा का मुख्य स्रोत।
- क्लोरोफिल (Chlorophyll): हरे रंग का वर्णक जो सौर ऊर्जा को अवशोषित करता है।
- कार्बन डाइऑक्साइड (CO2): रंध्रों (Stomata) के माध्यम से प्रवेश करती है।
- जल (H2O) एवं खनिज: जड़ें मिट्टी से अवशोषित करती हैं।
5. प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया: चरणबद्ध
NCERT के अनुसार, यह प्रक्रिया दो मुख्य चरणों में होती है:
A. प्रकाश अभिक्रिया (Light Reaction) – ‘ग्रेना’ में
यह चरण सूर्य के प्रकाश पर निर्भर है। इसमें जल का अपघटन (Photolysis) होता है जिससे ऑक्सीजन मुक्त होती है।
B. अंधकार अभिक्रिया (Dark Reaction / Calvin Cycle) – ‘स्ट्रोमा’ में
इसमें प्रकाश की प्रत्यक्ष आवश्यकता नहीं होती। इसमें CO2 का अपचयन होकर ग्लूकोज (कार्बोहाइड्रेट) बनता है।
6. पत्ती और रंध्र (Stomata) की भूमिका
पत्ती को ‘पौधे की रसोई’ कहा जाता है। पत्तियों की सतह पर छोटे छिद्र होते हैं जिन्हें रंध्र (Stomata) कहते हैं।
- गैसों का आदान-प्रदान: CO2 लेना और O2 छोड़ना।
- वाष्पोत्सर्जन: अतिरिक्त पानी को बाहर निकालना।
7. प्रकाश संश्लेषण और श्वसन में अंतर
| गुण | प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) | श्वसन (Respiration) |
|---|---|---|
| प्रकृति | भोजन बनता है (Anabolic) | भोजन टूटता है (Catabolic) |
| समय | केवल दिन में (सूर्य का प्रकाश) | दिन और रात (24 घंटे) |
| गैस | CO2 लेते हैं, O2 छोड़ते हैं | O2 लेते हैं, CO2 छोड़ते हैं |
| स्थान | क्लोरोप्लास्ट (Chloroplast) | माइटोकॉन्ड्रिया (Mitochondria) |
8. परीक्षा उपयोगी महत्वपूर्ण प्रश्न
- (2 अंक): प्रकाश संश्लेषण का संतुलित समीकरण लिखिए।
- (3 अंक): मरुस्थलीय पौधे प्रकाश संश्लेषण के लिए CO2 कब ग्रहण करते हैं? (उत्तर: रात में)।
- (5 अंक): प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया का सचित्र वर्णन करें और इसके महत्व को समझाएं।
निष्कर्ष
प्रकाश संश्लेषण पृथ्वी पर जीवन का आधार है। यदि यह प्रक्रिया रुक जाए, तो पृथ्वी से भोजन और ऑक्सीजन दोनों समाप्त हो जाएंगे। एक विद्यार्थी के रूप में, इस वैज्ञानिक प्रक्रिया को समझना अत्यंत आवश्यक है।



