कक्षा 6 इतिहास – अध्याय 4: क्या बताती हैं हमें किताबें और कब्रें
(वैदिक काल और महापाषाण: संपूर्ण विस्तृत UPSC/IAS गाइड)
1. अध्याय परिचय: वेदों से महापाषाण तक
नमस्कार दोस्तों। पिछले अध्याय में हमने हड़प्पा सभ्यता के शहरों के बारे में पढ़ा जो लगभग 3900 साल पहले उजड़ने लगे थे। इस अध्याय में हम भारतीय इतिहास के एक नए चरण में प्रवेश करेंगे – वैदिक काल (Vedic Age)। हम दुनिया के सबसे पुराने साहित्यों में से एक ‘वेदों’ का अध्ययन करेंगे और दक्षिण भारत की महापाषाण (Megalithic) संस्कृति को समझेंगे। UPSC के लिए यह अध्याय आर्यों के आगमन, वैदिक समाज, सप्त-सैंधव प्रदेश और लौह युग (Iron Age) की शुरुआत को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
2. दुनिया के प्राचीनतम ग्रंथ: वेद (The Vedas)
वेद चार हैं: ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद। इनमें सबसे पुराना ‘ऋग्वेद’ है।
ऋग्वेद (Rigveda): तथ्य और गहन विश्लेषण
- रचना काल: लगभग 3500 साल पहले (1500 BC)। यह पूर्व वैदिक काल (Early Vedic Period) का एकमात्र स्रोत है।
- श्रुति परंपरा (Oral Tradition): ऋग्वेद को लिखा बहुत बाद में गया। हजारों साल तक इसे आचार्यों द्वारा शिष्यों को कंठस्थ (Memorize) कराया जाता था। इसे ‘श्रुति’ (सुना गया) कहा जाता है। इसका मुद्रण (Printing) तो मुश्किल से 200 साल पहले हुआ।
- संरचना: इसमें 10 मंडल (Mandalas) और 1028 सूक्त (Hymns) हैं।
- तीसरा मंडल: प्रसिद्ध गायत्री मंत्र (सावित्री देवी को समर्पित) इसी में है, जिसकी रचना विश्वामित्र ने की।
- दसवां मंडल: इसमें ‘पुरुष सूक्त’ है, जिसमें पहली बार चार वर्णों (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) की उत्पत्ति का वर्णन मिलता है।
- महत्वपूर्ण देवता:
- इंद्र (Indra): सबसे प्रमुख देवता (250 सूक्त)। इन्हें ‘पुरंदर’ (किलों को तोड़ने वाला) और वर्षा का देवता कहा गया।
- अग्नि (Agni): दूसरा प्रमुख देवता (200 सूक्त)। ये मनुष्यों और देवताओं के बीच मध्यस्थ (Intermediary) माने जाते थे।
- सोम (Soma): वनस्पतियों के देवता। हिमालय की मुंजवत चोटी से प्राप्त पौधे से ‘सोम रस’ बनाया जाता था।
- रचयिता: अधिकांश सूक्त पुरुषों द्वारा रचे गए, लेकिन कुछ विदुषी महिलाओं जैसे लोपामुद्रा, घोषा और अपाला का भी योगदान रहा है।
3. भाषा और भाषा परिवार (Linguistic Classification)
ऋग्वेद की भाषा ‘प्राक्-संस्कृत’ या ‘वैदिक संस्कृत’ है। यह लौकिक संस्कृत (जो पाणिनि के व्याकरण के बाद आई) से प्राचीन है।
| भाषा परिवार (Family) | विवरण और उदाहरण |
|---|---|
| भारोपीय (Indo-European) | सबसे विशाल परिवार। इसमें संस्कृत, असमिया, गुजराती, हिंदी, कश्मीरी, सिंधी (भारतीय) और अंग्रेजी, फ्रांसीसी, जर्मन, यूनानी, फारसी (विदेशी) भाषाएँ शामिल हैं। समानता: ‘मातृ’ (संस्कृत), ‘माँ’ (हिंदी), ‘Mother’ (अंग्रेजी)। |
| द्रविड़ (Dravidian) | दक्षिण भारत की भाषाएँ: तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम। |
| ऑस्ट्रो-एशियाटिक (Austro-Asiatic) | झारखंड और मध्य भारत के आदिवासियों की भाषाएँ। |
| तिब्बत-बर्मा (Tibeto-Burman) | पूर्वोत्तर भारत (North-East) की भाषाएँ। |
4. भौगोलिक विस्तार: ऋग्वैदिक नदियाँ (Geographical Extent)
ऋग्वेद के अध्ययन से आर्यों के निवास स्थान (सप्त-सैंधव प्रदेश) का पता चलता है। UPSC प्रीलिम्स के लिए नदियों के प्राचीन नाम याद रखना बहुत जरूरी है।
| ऋग्वैदिक नाम | आधुनिक नाम |
|---|---|
| सिंधु | इंडस (Indus) |
| वितस्ता | झेलम |
| असिक्रि | चिनाब |
| परुष्णी | रावी |
| विपाश | व्यास |
| सुतुद्री | सतलुज |
| सरस्वती | घग्घर (विलुप्त) |
- विश्वामित्र और नदियाँ: ऋग्वेद में ऋषि विश्वामित्र और दो नदियों (व्यास और सतलुज) के बीच संवाद है। नदियों को ‘गायों’ और ‘घोड़ों’ की तरह बताया गया है।
- महत्व: सिंधु का उल्लेख सबसे अधिक बार हुआ है क्योंकि यह आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण थी। सरस्वती सबसे पवित्र नदी (नदीतमा) मानी गई है। गंगा और यमुना का उल्लेख सिर्फ एक बार हुआ है।
5. अर्थव्यवस्था: मवेशी और युद्ध (Economy & Warfare)
ऋग्वैदिक समाज एक पशुचारक (Pastoral) समाज था। कृषि उनका गौण (Secondary) पेशा था।
- गविष्टि (Gavisthi): युद्ध के लिए ऋग्वेद में ‘गविष्टि’ शब्द का प्रयोग हुआ है, जिसका शाब्दिक अर्थ है “गायों की खोज”। अधिकांश युद्ध गायों के लिए लड़े जाते थे।
- संपत्ति का मानक: जिसके पास जितनी ज्यादा गायें होती थीं, वह उतना अमीर (गोमत) माना जाता था। गाय विनिमय (Exchange) का माध्यम भी थी।
- घोड़े और रथ: युद्ध में रथों का प्रयोग होता था। घोड़े हड़प्पा काल में दुर्लभ थे, लेकिन वैदिक काल में शक्ति और गति का प्रतीक बन गए।
- युद्ध के अन्य कारण: अच्छे चरागाह (जमीन), पानी और लोगों (दास बनाने हेतु) के लिए भी युद्ध होते थे।
- धन का वितरण: लूट के धन का उपयोग सरदार, पुरोहित और आम जनता में बंटता था। इसका उपयोग यज्ञ में घी, अनाज और जानवरों की आहुति देने में भी होता था।
6. राजनीतिक और सामाजिक ढांचा (Polity & Society)
ऋग्वैदिक राजनीति ‘कबीलाई’ (Tribal) थी। कोई राज्य-क्षेत्र (Territory) की अवधारणा नहीं थी। राजा भूमि का स्वामी नहीं, बल्कि युद्ध का नेता था।
राजनीतिक शब्दकोश (Political Terms):
- राजन (Rajan): कबीले का सरदार। यह वंशानुगत नहीं था। उसके पास न महल था, न राजधानी और न ही स्थायी सेना।
- बलि (Bali): यह कोई अनिवार्य कर (Tax) नहीं था, बल्कि प्रजा द्वारा राजा को दिया जाने वाला स्वेच्छा से दिया गया उपहार (Voluntary Offering) था।
- संस्थाएँ (Assemblies): राजा निरंकुश नहीं था।
- सभा (Sabha): यह श्रेष्ठ और वृद्ध लोगों (Elite) की संस्था थी। इसमें न्यायिक कार्य भी होते थे।
- समिति (Samiti): यह आम जनता की सभा थी जिसमें राजा का चुनाव होता था।
- विदथ (Vidatha): सबसे प्राचीन संस्था, जिसमें लूट के माल का बंटवारा होता था। इसमें महिलाएं भी भाग लेती थीं।
सामाजिक विभाजन (Social Division):
- जन और विश: पूरे कबीले को ‘जन’ कहा जाता था। ‘विश’ जन का ही एक उप-विभाग था। (जैसे – पुरु जन, भरत जन)।
- आर्य और दास: आर्यों ने स्थानीय लोगों को ‘दास’ या ‘दस्यु’ कहा। दस्यु यज्ञ नहीं करते थे, दूसरी भाषा (अनासा – बिना नाक वाले/चपटी नाक) बोलते थे।
- वर्ण व्यवस्था: ऋग्वेद के अंतिम चरण (10वें मंडल – पुरुष सूक्त) में वर्ण व्यवस्था के संकेत मिलते हैं, लेकिन शुरुआत में यह जन्म आधारित न होकर कर्म आधारित थी।
7. महापाषाण संस्कृति: प्रकार और विशेषताएँ
उत्तर में वैदिक संस्कृति के समकालीन, दक्षिण भारत (दक्कन, कश्मीर, पूर्वोत्तर) में महापाषाण (Megalithic) संस्कृति पनप रही थी (3000 साल पहले)।
महापाषाणों के प्रकार (Types of Megaliths):
- सिस्ट (Cist): यह एक संदूक जैसी कब्र होती थी जो पत्थरों से बनी होती थी।
- मेनहिर (Menhir): जमीन में गड़ा हुआ एक अकेला बड़ा पत्थर, जो कब्र को चिन्हित करता था।
- गोलाकार पत्थर (Stone Circles): पत्थरों को गोल घेरे में सजाया जाता था।
- डोलमेन (Dolmen): मेज के आकार का पत्थर का ढांचा, जो जमीन के ऊपर होता था।
पुरातत्विक साक्ष्य:
1. काले और लाल मृदभांड (Black and Red Ware – BRW): इन कब्रों की सबसे बड़ी पहचान हैं।
2. लोहे के उपकरण: कब्रों से लोहे के त्रिशूल, भाले, कुल्हाड़ियाँ और घोड़े की लगाम मिली है। यह सिद्ध करता है कि दक्षिण भारत में लोहे का प्रयोग 1000 BC के आसपास शुरू हो गया था।
8. कब्रों से सामाजिक इतिहास और इनामगाँव
कब्रें उस समय की सामाजिक असमानता का आईना हैं।
- ब्रह्मगिरि: यहाँ एक व्यक्ति की कब्र में 33 सोने के मनके और शंख मिले, जबकि दूसरे के पास सिर्फ मिट्टी का घड़ा। यह अमीर और गरीब के भेद को दर्शाता है।
- पारिवारिक कब्रें: एक ही कब्र में एक से अधिक कंकाल मिले हैं। ‘पोर्ट-होल’ (प्रवेश द्वार) के जरिए बाद में मरने वाले परिजनों को उसी कब्र में दफनाया जाता था।
केस स्टडी: इनामगाँव (ताम्रपाषाण/Chalcolithic बस्ती)
महाराष्ट्र में घोड़ नदी के किनारे स्थित। (3600-2700 साल पहले)।
- विशिष्ट दफन: यहाँ वयस्कों को घर के फर्श के नीचे गड्ढे में सीधा लिटाकर, सिर उत्तर (North) की ओर करके दफनाया जाता था।
- सरदार की कब्र: एक व्यक्ति को बस्ती के बीचों-बीच, पांच कमरों वाले घर के आंगन में, चार पैरों वाले मिट्टी के संदूक (Jar) में दफनाया गया था। उसके पैर मुड़े हुए थे। यह किसी प्रमुख सरदार की कब्र प्रतीत होती है।
- भोजन: यहाँ गेहूँ, जौ, चावल, दाल, बाजरा, मटर और तिल के अवशेष मिले हैं। इसके अलावा बेर, आंवला, जामुन और खजूर जैसे फलों के बीज भी मिले हैं, जो बताते हैं कि वे फल इकट्ठा करते थे।
9. तुलनात्मक विश्लेषण: हड़प्पा बनाम वैदिक (UPSC Special)
सिविल सेवा परीक्षा में अक्सर इन दो सभ्यताओं के बीच अंतर पूछा जाता है।
| आधार | हड़प्पा सभ्यता | ऋग्वैदिक संस्कृति |
|---|---|---|
| प्रकृति | शहरी (Urban) | ग्रामीण (Rural) |
| अर्थव्यवस्था | कृषि अधिशेष और व्यापार | पशुपालन (Pastoral) और निर्वाह कृषि |
| धातु | कांसा (Bronze) और तांबा। लोहे का ज्ञान नहीं। | तांबा (अयस)। बाद में लोहा (उत्तर वैदिक)। |
| पशु | एक सींग वाला जानवर (Unicorn), कूबड़ वाला बैल। घोड़े के साक्ष्य संदिग्ध। | गाय (सबसे पवित्र/आर्थिक इकाई) और घोड़ा (रथों के लिए)। |
| लिपि | चित्राक्षर (अपठनीय) | श्रुति परंपरा (मौखिक), कोई लिखित लिपि नहीं। |
10. कंकाल विज्ञान और अन्यत्र
लिंग निर्धारण: पुरातत्वविद हड्डियों के आकार (विशेषकर पेल्विक बोन/कूल्हे की हड्डी) से महिला और पुरुष के कंकाल में अंतर करते हैं। प्रसिद्ध वैद्य चरक (2000 साल पहले) ने ‘चरक संहिता’ में 360 हड्डियों का उल्लेख किया था (दांत और कार्टिलेज जोड़कर)।
चीन (अन्यत्र): 3500 साल पहले चीन में राजा ‘भविष्यवक्ता हड्डियों’ (Oracle Bones) का प्रयोग करते थे। वे जानवरों की हड्डियों पर प्रश्न लिखकर उन्हें आग में डालते थे और दरारों से भविष्य पढ़ते थे।
11. UPSC / BPSC विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण
- संक्रमण काल: यह अध्याय ‘पूर्व वैदिक काल’ (ऋग्वेद) और ‘लौह युग’ (महापाषाण) के बीच की कड़ी है।
- लोहे की क्रांति: महापाषाण संस्कृति ने दक्षिण भारत में लोहे के उपयोग को लोकप्रिय बनाया। लोहे के फाल (Ploughshare) से कठोर जमीन जोतना संभव हुआ, जिससे कृषि अधिशेष (Surplus) बढ़ा और दूसरी बार नगरीकरण (Second Urbanisation) का मार्ग प्रशस्त हुआ।
- सामाजिक स्तरीकरण: ऋग्वेद के ‘बलि’ (स्वैच्छिक) से लेकर महापाषाण कब्रों (सोना vs मिट्टी) तक, हम समाज में बढ़ती हुई असमानता और एक जटिल वर्ग व्यवस्था का उदय देखते हैं।
12. अभ्यास प्रश्न (20 Practice MCQs – UPSC Prelims Level)
Q1: ऋग्वेद का रचना काल क्या माना जाता है?
- (A) 2500 वर्ष पूर्व
- (B) 3500 वर्ष पूर्व
- (C) 4700 वर्ष पूर्व
- (D) 1000 वर्ष पूर्व
उत्तर: (B) 3500 वर्ष पूर्व
Q2: ‘गायत्री मंत्र’ ऋग्वेद के किस मंडल में है?
- (A) पहले
- (B) तीसरे
- (C) नौवें
- (D) दसवें
उत्तर: (B) तीसरे (विश्वामित्र द्वारा रचित)
Q3: ऋग्वेद में किन नदियों का उल्लेख ‘देवियों’ (गायों/घोड़ों) के रूप में किया गया है?
- (A) गंगा और यमुना
- (B) व्यास और सतलुज
- (C) रावी और चिनाब
- (D) नर्मदा और ताप्ती
उत्तर: (B) व्यास और सतलुज
Q4: ‘सोम’ (Soma) क्या था?
- (A) एक देवता
- (B) एक पौधा (जिससे पेय बनता था)
- (C) एक हथियार
- (D) एक प्रकार का यज्ञ
उत्तर: (B) एक पौधा
Q5: संस्कृत भाषा किस भाषा परिवार का हिस्सा है?
- (A) द्रविड़
- (B) ऑस्ट्रो-एशियाटिक
- (C) भारोपीय (Indo-European)
- (D) तिब्बत-बर्मा
उत्तर: (C) भारोपीय
Q6: महापाषाण (Megaliths) बनाने की प्रथा कब शुरू हुई?
- (A) 4700 साल पहले
- (B) 3000 साल पहले
- (C) 1500 साल पहले
- (D) 1000 साल पहले
उत्तर: (B) 3000 साल पहले
Q7: महापाषाण कब्रों से किस धातु के औजार अधिक मात्रा में मिले हैं?
- (A) तांबा
- (B) कांसा
- (C) लोहा (Iron)
- (D) सोना
उत्तर: (C) लोहा
Q8: किस पुरास्थल पर एक कब्र में 33 सोने के मनके मिले हैं?
- (A) इनामगाँव
- (B) ब्रह्मगिरि
- (C) आदिचनल्लूर
- (D) हल्लूर
उत्तर: (B) ब्रह्मगिरि
Q9: ‘पोर्ट-होल’ (Port-hole) का उपयोग किसलिए किया जाता था?
- (A) पानी की निकासी के लिए
- (B) अनाज रखने के लिए
- (C) शवों को कब्र में दफनाने के लिए (प्रवेश द्वार)
- (D) हवा आने के लिए
उत्तर: (C) शवों को कब्र में दफनाने के लिए
Q10: इनामगाँव किस नदी के किनारे स्थित है?
- (A) गंगा
- (B) सोन
- (C) घोड़ (भीमा की सहायक)
- (D) तुंगभद्रा
उत्तर: (C) घोड़
Q11: चरक संहिता के लेखक चरक कौन थे?
- (A) राजा
- (B) प्रसिद्ध वैद्य (Physician)
- (C) पुरोहित
- (D) सेनापति
उत्तर: (B) प्रसिद्ध वैद्य
Q12: ‘गविष्टि’ (Gavisthi) शब्द का क्या अर्थ है?
- (A) राजा का चुनाव
- (B) गायों की खोज (युद्ध)
- (C) अनाज का दान
- (D) देवताओं की स्तुति
उत्तर: (B) गायों की खोज
Q13: ऋग्वैदिक काल में युद्ध मुख्य रूप से किनके लिए लड़े जाते थे?
- (A) मवेशियों, जमीन और पानी के लिए
- (B) मंदिरों के लिए
- (C) शहरों के लिए
- (D) लोहे की खानों के लिए
उत्तर: (A) मवेशियों, जमीन और पानी के लिए
Q14: ऋग्वेद की सबसे पुरानी पाण्डुलिपि किस वृक्ष की छाल पर लिखी मिली है?
- (A) ताड़पत्र
- (B) भूर्ज (Birch)
- (C) केला
- (D) पीपल
उत्तर: (B) भूर्ज (कश्मीर में)
Q15: इनामगाँव में एक व्यक्ति को किस मुद्रा में दफनाया गया था?
- (A) सीधा खड़ा करके
- (B) जलाकर
- (C) पांच कमरों वाले घर के आंगन में (मिट्टी के संदूक में)
- (D) पेड़ के ऊपर
उत्तर: (C) पांच कमरों वाले घर के आंगन में
Q16: महापाषाण कब्रों से किस रंग के बर्तन (Pottery) मिले हैं?
- (A) चित्रित धूसर मृदभांड (PGW)
- (B) काले और लाल मिट्टी के बर्तन (Black and Red Ware)
- (C) केवल काले बर्तन
- (D) केवल लाल बर्तन
उत्तर: (B) काले और लाल मिट्टी के बर्तन
Q17: ‘सिस्ट’ (Cist) और ‘मेनहिर’ (Menhir) किससे संबंधित हैं?
- (A) हड़प्पा की इमारतें
- (B) वैदिक यज्ञ
- (C) महापाषाण कब्रें
- (D) चीन की लेखन कला
उत्तर: (C) महापाषाण कब्रें
Q18: ऋग्वेद की भाषा कौन सी है?
- (A) पाली
- (B) प्राकृत
- (C) वैदिक संस्कृत
- (D) तमिल
उत्तर: (C) वैदिक संस्कृत
Q19: ऋग्वैदिक काल में राजा को दिया जाने वाला स्वेच्छा से दिया गया उपहार क्या कहलाता था?
- (A) कर (Tax)
- (B) बलि (Bali)
- (C) लगान
- (D) जजिया
उत्तर: (B) बलि
Q20: ‘पुरुष सूक्त’ (वर्ण व्यवस्था का वर्णन) ऋग्वेद के किस मंडल में है?
- (A) पहले
- (B) तीसरे
- (C) सातवें
- (D) दसवें
उत्तर: (D) दसवें
14. मुख्य परीक्षा प्रश्न (Mains Analytical Question)
प्रश्न: ऋग्वैदिक कालीन समाज और हड़प्पा सभ्यता के समाज में मुख्य अंतर क्या थे? सामाजिक असमानता के संदर्भ में महापाषाण कब्रों का क्या महत्व है?
उत्तर संकेत: हड़प्पा एक नगरीय सभ्यता थी जो व्यापार और कृषि अधिशेष पर आधारित थी, जबकि ऋग्वैदिक समाज कबीलाई (Tribal), ग्रामीण और पशुपालन (मवेशी) पर आधारित था। हड़प्पा में लोहे का ज्ञान नहीं था (कांसा युगीन), जबकि महापाषाण संस्कृति लौह युगीन थी। महापाषाण कब्रों (जैसे ब्रह्मगिरि) में मिलने वाले सामानों की भारी भिन्नता (सोना vs मिट्टी के बर्तन) उस समय की स्पष्ट सामाजिक और आर्थिक असमानता (अमीर-गरीब) को दर्शाती है।
15. अध्याय सारांश (Conclusion)
इस अध्याय में हमने उत्तर भारत के ‘वेदों’ और दक्षिण भारत के ‘महापाषाणों’ का अध्ययन किया। हमने देखा कि कैसे ऋग्वेद हमें आर्यों के जीवन, उनकी मान्यताओं और संघर्षों के बारे में ‘बोलकर’ बताता है, जबकि महापाषाण कब्रें ‘खामोशी’ से उस दौर की तकनीक (लोहा) और सामाजिक असमानता की कहानी सुनाती हैं। इनामगाँव के किसान और ब्रह्मगिरि के कंकाल भारतीय इतिहास की विविधता को दर्शाते हैं।
16. परीक्षा के लिए ‘गोल्डन पॉइंट्स’ (Revision Notes)
- ऋग्वेद काल: 3500 साल पहले (1500 BC)। 10 मंडल, 1028 सूक्त।
- महत्वपूर्ण मंडल: तीसरा (गायत्री मंत्र), दसवां (पुरुष सूक्त/वर्ण व्यवस्था)।
- मुख्य देवता: इंद्र (पुरंदर), अग्नि, सोम।
- राजनीति: राजन (वंशानुगत नहीं), बलि (स्वैच्छिक उपहार), सभा/समिति।
- महापाषाण काल: 3000 साल पहले शुरू। प्रकार: सिस्ट, मेनहिर, डोलमेन।
- इनामगाँव: 3600-2700 साल पहले, ताम्रपाषाण बस्ती, विशिष्ट दफन।
- ब्रह्मगिरि: सामाजिक असमानता का साक्ष्य (33 सोने के मनके)।
- चरक: 360 हड्डियाँ।
- नदियाँ: व्यास और सतलुज (ऋग्वेद में संवाद)।
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